परेशान है कई मरीज, दिए गए सारी सरकारी सुविधा पर फिर रहा पानी, कहते हैं डाक्टरों की आपसी द्वंद के कारण पीस रहे मरीज, सरकारी चिकित्सा दावों में पलीता लगाने का काम रहे कुछ डाक्टर, सिसकते शिशु और कराह रहे मरीज को देखते हुए भी ये दिखा रहे बाहर का रास्ता।

पुसौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में इलाज के दौरान मरीजों को कई तरह की अड़चनों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि जब वे इलाज के लिए अस्पताल आते हैं, तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। इस तरह की शिकायत कई लोगों द्वारा की जा रही है, जिसमें कहा गया है कि अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ उन्हें इंजेक्शन लगाने से माने करते हैं और कहते हैं कि तुम जहां इलाज कराते थे, वहीं जाओ।
दरीपाली ग्राम के एक युवक ने बताया कि उसके दो बच्चे कुछ साल पहले फौत हो गए थे और दो बच्चे अभी उसके फिर से हुए हैं, जिनमें से एक का इलाज चल रहा है। उसने बताया कि बच्चे का पहला इलाज पुसौर अस्पताल में किया गया था, लेकिन ठीक नहीं होने पर उसने जिले के एक निजी अस्पताल में जाकर इलाज कराया, जहां ठीक हुआ और डॉक्टर ने सलाह दी कि इसे नियमित इंजेक्शन लगाना है। लेकिन जब वह बच्चे को इंजेक्शन लगवाने पुसौर अस्पताल आता है, तो उसे बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
इस संबंध में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रोहित पटेल ने अस्पताल प्रबंधन की कड़ी निंदा की है और क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से मांग की है कि अस्पताल में जो भी मरीज इलाज के लिए आता है, उसे यथासंभव इलाज मुहैया कराया जाए और संभव नहीं है, तो ससम्मान कारण के साथ किसी अन्य जगह इलाज कराने की सलाह दी जानी चाहिए।
