रकबा समर्पण के लिये दबाव व एग्रीस्टेक के परेषानी को लेकर किसानों का धरना

कोसमदा धान खरीदी केंद्र में किसानों का धरना

          किसानों ने कहां ,,,,धान खरीदी के इतिहास में इतनी परेशानी का सामना पहली बार, इसमें साफ साफ दिख रहा कि सरकार कम धान खरीदना पड़े इसलिए हर जगह फंसा रही पेंच, रकबा समर्पण के लिए दबाव बनाया जाना बेबुनियाद, एग्रीस्टेक कर रकबा जोड़ने लाखों रुपए कमा चुके राजस्व विभाग के लोग।


            पुसौर तहसील के बडेहल्दी सोसायटी के उप धान खरीदी केन्द्र कोसमंदा में बिते दिनांक को दर्जनों किसान एकाएक पहुच कर प्रदर्षन किया जिसमें धान बिक्री करते समय आ रहे परेषानी को लेकर रहा। जानकारी के मुताविक खरीदी कार्य प्रारंभ होने के पुर्व षासन द्वारा एग्रीस्टेक कराये जाने हेतु किसान को आगाह किया गया जिसमें तत्परता से किसान अपने अपने रकबा का एग्रीस्टेक करवाया इसके बावजुद भी उनके रकबे अब भी एग्रीस्टेक के सुची में षामिल नहीं है वहीं प्रति एकड 21 क्विंटल के धान खरीदी के आदेष के विरूद्ध पटवारी सहित अन्य लोगों द्वारा रकबा समर्पण के लिये दबाव बनाया जा रहा है साथ ही किसानों के घर पहुंच कर इसकी जांच की जा रही है जिससे किसानों में रोश बढा जिसके फलस्वरूप ये अपने सोसायटी में प्रदर्षन किया। इस मौके पर नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा पहुंचे थे साथ जिला से पदस्थ हुये नोडल एवं आरईओ भी मौजुद रहे। इसमें किसानों का कहना है कि बडे किसानों का 5 एकड तक अभी भी एग्रीस्टेक नहीं हुआ जिसमें ये धान बेच नहीं पायेंगे और 5 एकड से निचे के किसानों के रकबा समर्पण हेतु पटवारी द्वारा ऐसा वातावरण निर्मित किया जा रहा है जिसमें वे रकबा समर्पण के लिये विवष हो रहे हैं। इसमें किसानों ने बताया कि ये कभी कभी धान जांच करने घर पहुंच जाते हैं और कभी कभी ये अपने घर में ही जांच कर रकबा का भौतिक सत्यापन किया जाकर वार्टसप के जरिये उपार्जन केन्द्रों में भेज दे रहे है जिससे संबंधित किसान धान नहीं बेच पा रहे है। प्रदर्षन में लगभग 100 किसानों का हस्ताक्षर किया हुआ एक आवेदन नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा के समक्ष प्रस्तुत की गई जिसमें बडेहल्दी सोसायटी में कितने किसानों के रकबा घटाये गये हैं तथा किन परिस्थितियों में एग्रीस्टेक प्रक्रिया षेश रह गई है इसकी जानकारी सुचना के अधिकार के तहत जानकारी दिये जाने का तथ्य षामिल है। उक्त कार्यक्रम में पुर्व जनपद उपाध्यक्ष रोहित पटेल, पुर्व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष लल्लु सिंह, युवा कांग्रेस तुर्क रामकुमार पटेल सहित किसान गण थे जिसमें कई किसानों ने अपने रकबा समर्पण हुये तथ्यों को साझा किया वहीं षासन द्वारा की जा रही धान खरीदी को लेकर रोहित पटेल ने कहा कि षासन द्वारा धान तौलाई, भराई, सिलाई, थप्पी लगाना, तथा लोड अनलोड के लिये प्रति एकड लगभग 35 रूप्ये भुगतान होता है इसके बावजुद भी किसानों को धान भराई करवाते हैं और संबंधित किसानों से केन्द्र में और भी काम कराये जाते हैं और इस प्रकार सोसायटी द्वारा संबंधित राषि बचाया जाता है। इस तथ्य पर उपार्जन केन्द्र प्रबंधन का कहना है कि किसान गण अपना काम आगे करवाने के लिये ये स्वयं आगे आते हैं और अपना धान भरते हैं चूंकि हमालों की संख्या सिमित रहती है। इसी कडी में नायब तहसीलदार पंकज मिश्रा ने उक्त प्रदर्षन को लेकर कहा कि षासन के गाईड लाईन अनुसार काम किया जा रहा है रकबा समर्पण किसान की सहमति से ही किया जा रहा है।

Goutam Panda

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EDITOR - CG LIVE NEWS

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