
17 वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल ने नम्रता के 5 विशेष योग्यताओं को लेकर प्रदाय किए 5 स्वर्ण पदक, ग्राम तिनिमिनी ही नहीं पुसौर क्षेत्र ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा बनी नम्रता गुप्ता, नम्रता ने कहा स्वर में ईश्वर है जिसके साधना से आत्म मुग्धता के साथ भौतिक संपन्नता बनी रहती है। इसका श्रेय अपने माता पिता के संघर्ष और गुरुजनों के मार्ग दर्शन को दिए।
खेत और घर से जुडे परिश्रम के बीच इतना सधा हुआ सुर निकलेगा इसकी कल्पना षायद किसी ने नहीं किया होगा लेकिन नम्रता गुप्ता इसे केवल कर ही नहीं दिखाया बल्कि इन्हौने महामहीम राज्यपाल के हाथो 5 स्वर्णपदक भी प्राप्त किये। पुसौर क्षेत्र के ग्राम टिनमिनी निवासी के एक ऐसे ही किरदार कैवल्य प्रधान हैं जिनका पुत्र सदानंद प्रधान घरेलु कृशि कार्य करते हुये संगीत के क्षेत्र में भी आगे जाना चाहते थे जिन्हें षायद वो प्लेटफार्म नहीं मिला लेकिन इन्हौने ये ठान लिया कि इस क्षेत्र में उनकी बेटी नम्रता प्रधान जरूर आगे जायेगी जिसके लिये इन्हौने जहां स्वर साधना करवाया और अलग अलग संगीत विष्वविद्यालयों में दाखिला दिलाकर दक्षता हासिल करवाया वहीं इसमें वो इतनी काबिल बनी की अपने संगीत के बल पर अपनी केरियर को भी आगे बढाया। जानकारी के मुताविक खैरागढ संगीत विष्व विद्यालय में नम्रता गुप्तामास्टर आप प्रोफार्मिंग आर्ट की डिग्री हासिल करने के बाद भोपाल संगीत विद्यालय मे ये पीएडी कर रही हैं साथ ही दुधाधारी बजरंग महिला महाविद्यालय में म्यूजिक गेस्ट प्रोफेसर हैं। खैरागढ संगीत युनिवर्सिटी में ये संगीत संकाय वर्श 2023-24 में 1. मेघराज जैन स्वर्ण पदक/एमपीए गायन/, 2. श्री पदमाकर यषवंतराव बख्षी स्वर्ण पदक /एमए गायन/ 3. स्व श्रीमती तुलसादेवी हीरालाल जाययसवाल /एमपीए गायन/ 4. श्रीमती षैलबाला सुरेन्द्रनाथ मिश्र, स्मृति स्वर्ण पदक /एम ए गायन/तथा 5. स्व डा अमरेष चंद्र चैबे स्मृति स्वर्ण पदक /एमपीए गायन/के टास्क में विषेश योग्यता हासिल होने के फलस्वरूप् महामहीम राज्यपाल रोमेन डेका ने सत्रहवे दीक्षान्त समारोह 2026 में इन पांच विशयों का स्वर्णपदक प्रदाय किया। नम्रता गुप्ता की यह उपलब्धि समुचे प्रदेष में फैलने के कारण उनके साक्षात्कार के लिये जहां लोग पहुंचे वहीं ग्राम सरपंच श्रीमती कुन्ती षक्राजित भोय, पुर्व सरपंच विराट गुप्ता व गणमान्य लोगों के साथ साथ पुसौर निवासी वानप्रस्थी व रामायणी बल्लभ साव, सेवा निवृत्त बीईओ नारायण वेदालंकार, सेवा निवृत्त डिस्टीक आडिटर गोविंद गोपाल महाणा आदि ने इनका सम्मान समारोह आयोजन किया। उक्त कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने नम्रता गुप्ता का पुश्पगुच्छ स्वागत किया वहीं उनके सम्मान में नारी जागरण के गीत भी प्रस्तुत किये गये। कार्यक्रम के बीच लोगों के आग्रह पर नम्रता ने कुछ गाने के मुखडे गाये जिसमें लोगों को यह विष्वास हो गया कि साधना ही सफलता की निषानी है जो नम्रता ने कर दिखाया।
