
इन दिनों ये लैलूंगा थाना में है प्रभारी, थाना कार्य संभालते हुए भी पिता जी के देख भाल में नहीं की कोई कमी, परिवार के छोटे पुत्र होने के नाते टी आई गिरधारी साव सब के दुलरवा और परिवार और देव गांव को भी होता इन पर गर्व।
पुसौर थाना में कुछ वर्श पहले गिरधारी साव जी का पदस्थापना हुआ था जिसमें इनके विवेचना के जरिये कई अपराधियों को जेल का रास्ता मिला वहीं इनके व्यवहार कुषलता की वजह से ये काफी लोकप्रिय रहे। जानकारी के मुताविक ये इन दिनों लैलुंगा थाना के प्रभारी है और यहां भी इनकी सघन जांच व सक्रियता से क्षेत्र में अपराधियों पर अंकुष लगाने में कामयाब रहे हैं। अपने निवास ग्राम देवगांव/बरमकेला/ से लैलुंगा काफी दुर होने के बावजुद भी ये अपने पिता के सुख दुख में पहुंच कर उनका खोज खबर लेते रहे थे और समय में उपस्थित भी होते थे लेकिन अधिक उम्रदराज होने के कारण इनके पिता धनीराम साव इनके पुत्र लैलुगा थाना प्रभारी गिरधारी साव सहित समुचे परिवार का सेवा सुश्रुशा प्राप्त करने के बाद भी लगभग 85 वर्श के उम्र में अंतिम सांस लिये। बताया जाता है कि धनीराम साव जी नितान्त ही धर्मपरायण के साथ साथ सेवाभावी प्रवृत्ति के थे। गांव में कोई भी गेरूवा वस्त्रधारी, कुम्भीपटिया संत आदि आते थे तो उनके सेवा सुश्रुशा में लग जाते थे। गांव में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति उनके दरवाजे पर आता था कमोबेष उसकी पुर्ति करने का प्रयास भी करते थे। इनके इसी स्वभाव के कारण गांव के जगन्नाथ मंदिर समिति के ये अध्यक्ष भी रहे। इनके ज्येश्ठ पुत्र षिक्षक थे जो इस दुनिया में नहीं है वहीं इनके मझले पुत्र कृशक हैं एवं छोटे पुत्र गिरधारी साव इनके ही पद चिन्हों में चलते हुये जहां अपराधियों के लिये यम स्वरूप मे आ जाते हैं वहीं संतो व आम आदमियों के लिये ये भक्त बन जाते हैं जिससे इनकी लोकप्रियता किसी भी थाने में प्रभार लेने के बाद खुदबखुद हो जाती है। जब ये पुसौर में रहे उस समय षिवरात्रि, होली, दिपावाली, रक्षाबंधन जैसे तिज त्यौहार बडे ही सलिके से मनाये जाते रहे वहीं षिव रात्रि पर्व पर क्षेत्र के तमाम कीर्तन मंडलियों को निमंत्रित कर रात्रि जागरण रहकर भक्तिमय वातावरण का आनंद उठाते थे जो इनके पिता धनीराम साव जी के प्रवृत्ति का अनुसरण है ऐसा लोग मानते रहे हैं। इनके पिता के निधन का खबर पुसौर क्षेत्र के प्रायः लोगों को हो चुकी है जो 5 जनवरी सोमवार को उनके दषगात्र में पहुंचने की तैयारी में हैं।
