
पुसौर, 30अप्रैल 2026 – पुसौर विकासखंड के सभी शासकीय स्कूलों में अध्ययनरत कक्षा 8वीं के 594 छात्र राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा यानी NMMS में शामिल होंगे। परीक्षा 2 मई को आयोजित की जाएगी। परीक्षा की गंभीरता को देखते हुए प्रश्न पत्रों को पुसौर थाने में सुरक्षित रखवाया गया है।
प्राचार्य खुद लेने पहुंचीं थाना
पुसौर हायर सेकेंडरी स्कूल की प्राचार्य श्रीमती केरकेट्टा मैडम स्वयं थाना कार्यालय पहुंचीं और सुरक्षा के साथ प्रश्न पत्र प्राप्त किए। उन्होंने बताया कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक 1,000 रुपये प्रतिमाह यानी 12,000 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति मिलेगी। यह राशि छात्रों की पढ़ाई जारी रखने में मददगार होगी।
जाति-आय प्रमाण पत्र बना बाधा, फिर भी जिले में सबसे ज्यादा छात्र।
बीईओ देवांगन ने बताया कि पूरे विकासखंड के शासकीय स्कूलों में कक्षा 8वीं के छात्र हजारों की संख्या में हैं। लेकिन जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेज समय पर न बन पाने के कारण कई छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो पाए वहीं छात्रों के प्राप्तांक के प्रतिशत भी एक आधार होता है इसके बावजूद 594 छात्रों का शामिल होना जिले के अन्य ब्लॉकों की तुलना में सर्वाधिक है। यह संबंधित शाला प्रमुखों की मेहनत को दर्शाता है।
3 केंद्रों पर होगी परीक्षा, दो पालियों में पेपर
जानकारी के मुताबिक परीक्षा के लिए 3 केंद्र बनाए गए हैं:
- शासकीय आत्मानंद स्कूल पुसौर – 150 छात्र
- शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल पुसौर – 250 छात्र
- शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल औरदा – 194 छात्र
परीक्षा 2 मई को दो पालियों में होगी। प्रथम प्रश्न पत्र सुबह 10:00 से 11:30 बजे तक और द्वितीय प्रश्न पत्र दोपहर 1:00 से 2:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
बीईओ ने की सुरक्षा और सुविधा की अपील
बीईओ देवांगन ने परीक्षा को लेकर स्वास्थ्य विभाग, थाना और तहसील को समुचित सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सूचना-अनुरोध प्रस्तुत किया है। साथ ही सभी शाला प्रबंधनों से अपील की है कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर शीतल पेयजल, छायादार व्यवस्था और प्राथमिक उपचार की सुविधा रखें, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
क्या है NMMS परीक्षा
राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा केंद्र सरकार की योजना है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता देना है। परीक्षा में मानसिक योग्यता परीक्षण और शैक्षिक अभिरुचि परीक्षण के दो पेपर होते हैं।
