अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन एनटीपीसी लारा कभी नहीं हटती पीछे, दिव्यागों को खोज खोज कर कृत्रिम प्रदान करने की रही तैयारी, दिव्यागों के घर पहुंच कर भी एनटीपीसी लारा देती है उनके कृत्रिम अंग, इसलिए भरोसा जितने लगी है अब एनटीपीसी।
एनटीपीसी लारा ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें परियोजना के आसपास के गांवों के दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग वितरित किए गए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में शामिल करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पश्चिमी क्षेत्र द्वितीय के कार्यकारी निदेशक श्री नीरज जलोटा ने भाग लिया और लोगों को कृत्रिम अंग वितरित किए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एनटीपीसी लारा की यह पहल दिव्यांगजनों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। एनटीपीसी लारा के परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर और श्रीमती रेखा ठाकुर भी उपस्थित थे, जिन्होंने दिव्यांगजनों को प्रोत्साहित किया और उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने के लिए प्रेरित किया।
कृत्रिम अंग एनटीपीसी फाउंडेशन द्वारा संचालित कोरबा दिव्यांग पुनर्वास केंद्र के डॉ एस जेना द्वारा बनाए गए थे। डॉ जेना ने बताया कि इन कृत्रिम अंगों को दिव्यांगजनों की आवश्यकताओं के अनुसार डिज़ाइन किया गया है और इनका उपयोग करके वे अपने दैनिक जीवन में आसानी से काम कर सकते हैं।
इस शिविर में 16 दिव्यांगजन लाभान्वित हुए, जिन्हें हाथ, पैर, और अन्य अंगों के कृत्रिम अंग वितरित किए गए। कार्यक्रम के अंत में, दिव्यांगजनों ने एनटीपीसी लारा के अधिकारियों को धन्यवाद दिया और उनके प्रति आभार व्यक्त किया।
