
प्रति वर्ष होली के आसपास ही यह महोत्सव होता रहा पुसौर में, प्रायः प्रत्येक परिवार के महिलाएं, बालिकाएं बड़े उत्साह से कलश यात्रा में होते हैं शामिल, समूचा कार्यक्रम में आपसी समरसता, सौहार्दता का अप्रतिम समावेश, संवाद हीनता पर विराम लगते हुए बंधुत्व का हो रहा विकास, सामाजिक एकता और अखंडता देखने को मिलता शनिदेव जी के कार्यक्रम में।
पुसौर में भगवान शनिदेव के स्थापना के 22वें महोत्सव में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। तहसील मुख्यालय पुसौर में स्थित भगवान शनिदेव जी के भव्य मंदिर में यह आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

कलश यात्रा में नगर की मातृशक्तियों ने कलश लेकर अघ्र्य लाने के लिए बड़े तालाब की ओर प्रस्थान किया, जिसके आगे बाहर से लाए गए जात्रा पार्टी का जत्था रहा, जो आकर्षण का केंद्र बना। इस अवसर पर लोगों ने घर से निकलकर मनोरंजन किया और मातृशक्तियों द्वारा कलशों को प्रमाण कर भगवान शनिदेव को स्मरण किया।
कलश स्थापना के बाद, मंदिर में पूजा-पाठ के साथ आरती की गई और रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। शनिदेव मंदिर से जुड़े सभी कार्यक्रमों को संचालित करने के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें व्यवस्था अनुसार फेरबदल भी होता रहा है।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष हरिहर साव एवं राजकुमार गुरूजी, उपाध्यक्ष बलराम सौरा व ध्वजाराम सौरा, सचिव सुभशचंद बारीक, कोषाध्यक्ष घनश्याम पटेल और अन्य सदस्य उपस्थित थे। प्रमुख सदस्यो के रूप में नगर के सभी पार्षदों को जोड़ा गया है और संरक्षक के रूप में अध्यक्ष मानी मोहित सतपथी एवं दधिबामन साव जी को मनोनित किया गया है। शनिवार को प्रमुख पुरोहितों के वैदिक मंत्रोचार से महोत्सव संपन्न होगा, जिसमें अन्न प्रसाद का वितरण सम्मिलित रहेगा।
