
व्यक्तिगत खुन्नस निकालने का आरोप, ओहदे की दबंगई चरम सीमा पर, प्रशिक्षण और जानकारी जमा करने को लेकर परेशान शिक्षक सहित अन्य कर्मचारी रहते निशाने में, दबे जुबान से झेल रहे परेशानी।
पुसौर जनपद क्षेत्र में 100 से अधिक प्राथमिक व माध्यमिक शालाएं हैं साथ ही हाईस्कुल एवं हायर सेकेण्डरी स्कुलें भी हैं जहां सहायक षिक्षकों की संख्या प्रायः अधिक है जिसमें महिला षिक्षक भी है। बताया जाता है कि षिक्षकों द्वारा दी गई जानकारी को खंड षिक्षा कार्यालय द्वारा सुरक्षित नहीं रखा जाता और उसके स्थान पर दुबारा जानकारी मांगा जाता है जिसके निषाने में कई संपन्न षिक्षक है जिनका भयादोहन कर उनसे अलग से काम अथवा सेवा लिया जाता है। कुछ महिला षिक्षक जो कि मेटरनीटी लिफ के हकदार है उन्हें ये हक उन्हें दिलाने के लिये परेषान करते हैं साथ ही बाबु के जरिये खर्चे की भी मांग करवाते हैं। नाम न छापने के षर्त पर एक षिक्षक ने कहा कि मुझे बीईओ बीआरसी के कार्यालय से फोन आया कि आप अपना कार लेकर आओ साहब दौरा जायेंगे। अब साहब को दौरा जाना है तो साहब कार भाडे में ले लें, अपनी निजी कार निकाल लें इसमें किसी षिक्षक को उसके स्कुल से काम छुडवाकर उसे ड्रायवर बनाते हुये दौरा कराना किस हद तक सही है। इसमें संबंधित स्कुल का षिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगा साथ ही षिक्षक का अतिरिक्त समय भी जाया होगा जबकि यह कार्य विभाग प्रमुख का हो है। सूत्रों का कहना है कि इन कार्यालय प्रमुख लोगों का मंत्रालय तक पहुंच है जिसके फलस्वरूप इन्हें ऐसा सलिका प्राप्त है जिसमें ये अपने छोटे से कार्य को अंजाम देने के बाद खबरों में रहते हैं जिससे ये उच्चाधिकारियों के संज्ञान में रहते हैं। लोगों का मानना है कि जिन परिस्थितियों में यहां इनकी पदस्थापना हुआ है वह विवादों के घेरे में रहा है जिसका कानुनी हकीकत अलग है लेकिन प्रषासनिक संतुलन के बलबुते इनकी आमदगी बरकरार है और इससे जुड़े लोग परेशान है।
