
जो सब्जबाग दिखाकर भाजपा आई सत्ता में अब पारी पड़ रही है उल्टी, जनता दबे जुबान से कहना शुरू कर दी है भाजपा की ही जुबानी “और न साहिबो बदल के रहीबो-बदल के रहीबो”, मनरेगा अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति के लिए थी योजना, बंद कर इसे गरीबों के पेट में भाजपा ने मारी लात, जल्द ही देगी जनता इसका जवाब।
महात्मा गांधी जी के ग्राम स्वराज परिकल्पना आधारित मनरेगा योजना द्वारा ग्राम के प्रस्ताव पर संबंधित ग्राम के लोगों द्वारा ग्राम का विकास किए जाने की सुनिश्चितता पर भाजपा ने कुठाराघात किया और इस योजना को बंद कर दिया जिसके लिए देश के प्रायः सभी हिस्सों में इस पर विरोध दर्ज किए जा रहे हैं । इसी कड़ी में पुसौर जनपद क्षेत्र के ग्राम पडिगांव में मनरेगा बचाओ अभियान अंतर्गत पुर्व विधायक प्रकाष नायक के अगुवाई में क्षेत्र के कांग्रेस पदाधिकारी एवं क्रांग्रेस जनों के साथ वृहद प्रदर्षन किया गया जिसमें सैकडों की संख्या में आम जनता भी उपस्थित रहे। जानकारी के मुताविक उक्त कार्यक्रम इस क्षेत्र के कांग्रेस मंडल अध्यक्ष भुवनेष्वर साहु के समुचित व्यवस्था में आयोजन हुआ। कार्यक्रम का उद्येष्य यह है कि केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को पुनः बाहल किया जावे चूंकि इस योजना के जरिये जहां गरीबों को रोजी रोटी मिलती थी वहीं उनका जीवन स्तर भी सुधरता दिखाई दे रहा था जिसे केन्द्र के बीजेपी सरकार को यह रास नहीं आई और गरीबों के इस योजना मनरेगा को बंद कर दिया है। कार्यक्रम में पुर्व विधायक प्रकाष नायक ने कहा कि सरकार ने वीबी जीरामजी योजना लागु की है जो कि किसी भी स्थिति में प्रांसगिक नहीं है। योजना में राम शब्द को जोडकर लोगों को भ्रामक स्थिति में डाल दिया है जिसे मानसिक ब्लेकमेलिंग कहा जाये तो शायद अतिषयोक्ति नहीं होगी। वैसे भगवान राम हम सबके आराध्य है लेकिन किसी योजना में इसे पिरो देकर किसी दुसरे योजना के बराबरी का हवाला देना किसी भी स्थिति में उचित नहीं है जिसके लिये हम सबको एक राय होकर पुनः मनरेगा को बहाल कराना है जिससे कि गरीब तपके के लोगों को रोजगार मिल सके साथ ही गांधी जी के ग्राम स्वराज योजना साकार हो सके। इसी कड़ी में इन्होने कहा भाजपा के लगभग ढाई साल के कार्यकाल में समाज के प्रत्येक वर्ग को जहां हानि पहुंची है वहीं प्रदेश में सत्ता के दुरुपयोग से जनता के दिलों में एक अशांति और घबराहट का वातावरण बना है जिसका स्पष्ट उदाहरण शासन धान खरीदी कार्य है जिसमें कथनी और करनी बिल्कुल ही अलग है जिसे जनता समझ चुकी है उसका माकूल जवाब आने वाले समय में जरूर देगी।
