
हरित सेवा समिति अध्यक्ष सीताराम चौहान व उनके टीम के लोगों द्वारा क्योस्क शाखा के सामने होता रहा है नामचीन हस्तियों, महापुरुषों के अवदानों को याद करते हुए मनाई जाती जयंती व पुण्यतिथि के कार्यक्रम।
तहसील मुख्यालय पुसौर के बस स्टैंड में आये दिन देष के नामचीन हस्तियों के अवदानों को याद करते हुये उनके जन्म जयन्ती एवं पुण्य तिथि का कार्यक्रम हरित सेवा समिति के अगुवाई में सम्पन्न होता हुआ आ रहा है इसी कडी में बिते दिनांक को संत षिरोमणि गुरूघासी दास जी की जयन्ती को बडे ही हर्शोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने गुरू घासीदास जी के 42 अमरवाणी सहित उनके अन्य कृतित्व पर प्रकाष डालते हुये अपनी जीवन में आत्मसात करने की अपील की। जिसमें मुख्यतः हरित सेवा समिति अध्यक्ष सीताराम चैहान, पद्मनाभ प्रधान, अनिल प्रधान, बंषीधर चैहान, सुषील चैहान, राजेष गुप्ता, प्रेम गुप्ता अकिद हुसेन, इजाज अहमद आरईओ कृशि पी भास्कर, रवि भारद्वाज, कुमारी रात्रे, पदमन, मीना अर्जुन बंजारे, अरूण बंजारे परदेषी रात्रे प्रगतिषील समाज के अध्यक्ष सुखदेव जांगडे, सत्यव्रत भास्कर संतोश बंगडे, मोहन कुर्रे, धोबाराम चैहान, दासरथी जांगडे आदि उपस्थित रहे। जहां सर्वप्रथम संविधान के उद्येश्यिका को रवि भारद्वाज द्वारा पठन कराया गया एवं कार्यक्रम का संचालन प्रेम गुप्ता द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बच्चो के मनमोहक नृृत्य एवं झांकिया उपस्थित दर्षक दीर्घा के तालीयां बटोरने में कोई कसर नहीं छोडी वहीं उपस्थिति अतिथियों ने अपने मंतव्य भी साझा किये। जिसमें मनखे मनखे एक समान, गुरू आउ दाई ददा के सम्मान करब सहित अन्य अमृत वाणी पर प्रकाष डाले गये वहीं आयोजक प्रमुख हरित सेवा समिति अध्यक्ष सीताराम चैहान ने उनके एक अमरवाणी ‘‘सत ह मनखे गहना आय‘‘ पर प्रकाष डालते हुये कहा कि सच परेषान हो सकता है लेकिन हार नहीं सकता। इस तरह विस्तृत रूप से मंच को संबोधित किया। उल्लेखनीय है कि कभी स्कुलों में ही महापुरूशों के जन्म जयंती मनाई जाती थी आजकल इस दिन अवकाष घोशित रहता है ऐसे स्थिति में छात्र महापुरूशों के जीवन वृत्त पर नहीं आपसी चर्चा हो पाती है और नहीं उन्हें कोई मंच मिल पाता है जिससे कि े महापुरूशों के सुझाये गये अमरवाणीयों को जीवन मे उतारने की प्रेरणा मिल सके।
