एन टी पी सी लारा में स्थापित गुरुकुल स्कूल का आए दिन हो रहा अभूतपूर्व पहल, शिक्षा, संस्कार और खेल का मिलजुला कार्यक्रम होता रहा लगातार आयोजन, एच आर विभाग की रहती पैनी नजर, स्किल डबलवमेंट को रखा गया है प्रमुखता में।

श्री स्वामीनारायण गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा 6 के विद्यार्थियों ने दिनांक 22 जनवरी (गुरुवार) को गुडू गाँव की एक ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक शैक्षिक यात्रा की। यह भ्रमण विद्यालय के आदरणीय प्रधानाचार्य डॉ. बी. नागराजा नायक एवं प्रबंधक श्री विकास गुप्ता के मार्गदर्शन में तथा शिक्षिकाएँ सुश्री रंजिनी एम. के. एवं श्री बाबाजी प्रधान के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
गुरुकुल टीम के गाँव पहुँचने पर स्थानीय ग्रामीणों ने पारंपरिक भारतीय संस्कृति के अनुरूप ‘अतिथि देवो भव’ की भावना से विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। ग्रामीणों के प्रेम, स्नेह और सहयोग से विद्यार्थियों को घर जैसा वातावरण प्राप्त हुआ, जिसने इस यात्रा को और भी स्मरणीय बना दिया।
इस भ्रमण का मुख्य आकर्षण संबलपुरी (कपटा) साड़ी की बुनाई कला का प्रत्यक्ष अनुभव रहा। विद्यार्थियों को कारीगरों द्वारा बुनाई की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। उन्होंने जाना कि किस प्रकार साधारण धागे से एक सुंदर और कलात्मक साड़ी का निर्माण होता है। इस दौरान विद्यार्थियों ने धागे के चयन, रेहटोल और असारी के उपयोग, फुयी द्वारा रंगाई प्रक्रिया, बुनाई एवं थानसरा की संरचना तथा फुल डूबी द्वारा जटिल बॉर्डर डिज़ाइन जैसी पारंपरिक तकनीकों को निकट से देखा और समझा।
युवा पीढ़ी की इस जिज्ञासा और रुचि को देखकर ग्रामीण अत्यंत प्रसन्न हुए। उन्होंने बताया कि यह पहली बार था जब किसी शैक्षणिक संस्था ने उनकी प्राचीन कला और परंपरा को जानने एवं सराहने का प्रयास किया। ग्रामीणों का आतिथ्य, सरलता और ज्ञान साझा करने की भावना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक रही।
विद्यालय की ओर से श्री बाबाजी प्रधान ने मेहर समाज के अध्यक्ष श्री अरुण मेहेर, श्री नरेंद्र मेहेर एवं समाज के सभी सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से विद्यार्थियों को अनुभवात्मक ज्ञान प्राप्त हुआ।
यह शैक्षिक भ्रमण सांस्कृतिक विरासत और व्यावहारिक शिक्षा का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ। गुरुकुल के विद्यार्थी गुडू गाँव की समृद्ध परंपराओं, वहाँ के स्नेही लोगों और अमूल्य अनुभवों की मधुर स्मृतियों के साथ विद्यालय लौटे।
