
पुसौर सोसाइटी के किसान धान बिक्री में हो रहे पक्षपात के खिलाफ सड़क पर उतरे, किसानों का आरोप है कि शासन द्वारा धान खरीदी में मनमानी की जा रही है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है, अब तक पुसौर तहसील में धान बिक्री को लेकर हो चुके कई प्रदर्शन, प्रत्येक प्रदर्शन में हो रहा केवल आंशिक लाभ और फिर चलते है अपने पुराने चाल से।

किसानों का कहना है कि उन्हें कभी सड़क पर उतरना पड़ता है तो कभी दफ्तर-दफ्तर चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे उनकी समय और ऊर्जा दोनों का नुकसान हो रहा है। खासकर जिन किसानों का सरकारी तंत्र में पहुंच नहीं है, उन्हें ज्यादा परेशानी हो रही है। बड़े किसानों को भी 3 से अधिक बार टोकन कटाना पड़ता है, जो प्रक्रिया को और भी जटिल बना रहा है।
पुसौर सोसाइटी में एक फरमान जारी किया गया है, जिसमें ज्यादातर किसानों के 30 प्रतिशत रकबे की भूमि के धान को नहीं बेचने दिया जा रहा है। इसके खिलाफ किसानों ने सोसाइटी के सामने प्रदर्शन किया, जिससे उड़ीसा एनटीपीसी की ओर जाने वाले यात्रियों को रुकना पड़ा। प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लल्लू सिंह, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रोहित पटेल, पूर्व नगर अध्यक्ष रितेश थवाईत, किसान नेता राम कुमार पटेल सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे।
तहसील के नायब तहसीलदार और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और किसानों को सोसाइटी ले जाकर प्रबंधक राजकुमार पटेल से बात कराई। प्रबंधक ने कटे हुए टोकन के धान लिए जाने का आश्वासन दिया, जिससे किसानों को थोड़ी राहत मिली।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा? क्या किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान निकलेगा? किसानों की मांग है कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और सभी किसानों के साथ समान व्यवहार किया जाए।
शासन द्वारा धान खरीदी कार्य में इस वर्ष ऐसे मनमानी किया जा रहा है जिसमें उन्हें कभी सड़क में उतरना पड़ रहा है और कभी दफ्तर दफ्तर चक्कर लगाना पड़ रहा है, इसमें खास कर के वो किसान है जिनका पहुंच सरकारी तंत्र में नहीं है, इसमें बड़े किसान भी है जिन्हें 3 से अधिक बार टोकन कटाना पड़ता है। इस बीच किसानों के मुताबिक पुसौर सोसाइटी में ऐसा फरमान जारी हो गया कि जिसमें ज्यादातर किसानों के 30 प्रतिशत रकबे की भूमि के धान को नहीं बेच पाए जिसके लिए उन्हें सड़क में उतरना पड़ा। सोसायटी के सामने ही यह प्रदर्शन होने से उड़ीसा एनटीपीसी की ओर जाने वाले सभी यात्री को रुकना पड़ा इसके बाद तहसील के नायब तहसीलदार एवं पुलिस टीम हरकत में आई। मौके पर ये टीम पहुंच कर किसानों को सोसाइटी ले जाकर प्रबंधक राजकुमार पटेल से बात कराए जहां उन्होंने कटे हुए टोकन के धान लिए जाएंगे तब प्रदर्शन बंद हुआ। धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लल्लू सिंह, पूर्व जनपद उपाध्यक्ष रोहित पटेल, पूर्व नगर अध्यक्ष रितेश थवाईत, किसान नेता राम कुमार पटेल सहित सैकड़ों की संख्या में किसान मौजूद रहे जहां रितेश थवाईत ने बताया कि तौले हुए धान के चेक जारी होने के बाद भी प्रबंधक द्वारा फोन पर बताया जा रहा है कि आप का धान ठीक नहीं है। इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि कई किसानों के धान को काट दिया गया है जिसमें किसान काफी रूष्ट है। ज्ञात हो धान खरीदी के बीच अब तक कई हड़ताल हो चुके हैं जिसमें प्रशासन के लोग आते हैं और सुलह कराकर मामले को शांत करते हैं। अपोजिशन के लोग और किसान शासन प्रशासन के सोची समझी रणनीति है जिसमें किसान परेशान हो रहे है
