
स्वतंत्र भारत के 25 वर्ष पूर्व से स्थापित है अखिल भारतीय आरण्यक ब्राह्मण समाज, प्रथम अध्यक्ष छुआरीपाली के मालगुजार, लगातार समाज के साथ साथ देश हित में किए जा रहे काम, इस संगठन का कमान अब भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणीग्राही के हाथ, लगातार हो रहे बैठकें, राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा के साथ शासन के समक्ष उपस्थिति दर्ज करने की होती रही कार्यवाही भी।
वर्श 1924 से स्थापित संगठन अखिल भारतीय आरण्यक ब्राम्हण समाज इन दिनों अपने समाज के साथ साथ अपने से जुडे लोगों के विकास, राश्ट्रीय मुद्दो जैसे आरक्षण, ई डब्लु एस की मान्यता सहित कई बिन्दुओं के चर्चा कर उसे धरातल में लागु करने की बेडा उठाया है इसके लिये लगातार बैठकें भी आहुत हो रहे हैं जिसमें आरण्यक ब्राम्हण समाज के कुल परिवार के मुखिया, युवा एवं महिला जन षामिल हो रहे हैं और उसमें कई समितियां भी बनाई गई हैं। संगठन के रीड में प्रदेष के भाजपा उपाध्यक्ष जगन्नाथ पाणिग्राही इसके अध्यक्ष हैं और महासचिव प्रदीप पाणिग्राही हैं वहीं छत्तीसगढ उडीसा, मध्यप्रदेष सहित अन्य कई राज्यों के लिये उपाध्यक्ष नियुक्त हैं जिसमें सत्यनारायण पंडा, कैलाष पंडा, सुर्य कुमार पंडा, गगन बिहारी पाणिग्राही, मित्रभानु जोषी, कान्हुचरण पुरोहित षामिल हैं, सचिवों में सुदामा नायक सुरेष षर्मा, संयास चरण पाणिग्राही, राजीव लोचन पाढी, षरद पुरोहित, षेशदेव पंडा हैं। कोशाध्यक्ष अषोक पंडा, सह कोशाध्यक्ष दिलीप पाढी, प्रवक्ता कीर्तन सुपकार तथा मिडिया प्रभारी गणपति पाढी जी है। उक्त पदाधिकारियों द्वारा कई ग्रामों को मिलाकर अंचल बनाया गया है जिसके अंचलाधिकारी एवं सह अंचलाधिकारी है। अब तक बरमकेला, सरिया, भिखमपुरा सहित कई अंचलों में बैठके हो चुका है इसी क्रम में बिते रविवार को पुसौर के बाजार स्थित मंगलभवन में सुपा धुलुंडा एवं पुसौर अंचल के अंचलाधिकारी षषिभुशण पाणिग्राही, त्रिलोचन षर्मा, अषोक पुजारी कृश्ण कुमार पुरोहित, प्रमोद कुमार षर्मा, भुपेष पंडा, उत्तम पंडा ष्याम षंकर पाणिग्राही आदि लोगों के सौजन्य से बैठक हुआ जिसमें उपरोक्त सभी पदाधिकारियों के साथ साथ समाज के प्रायः सभी सदस्य मौजुद रहे। लगभग 10 बजे से प्रारंभ हुये बैठक में सर्वप्रथम भगवान जगन्नाथ महाप्रभु का पुजा अर्चना कर पदाधिकारियों का स्वागत समारोह हुआ इसी कडी में समाज के पंजीयन, आर्थिक स्थिति सहित ब्राम्हण समाज के युवाओं को नौकरी पेषे अथवा कहीं षिक्षा ग्रहण करने के लिये षासन द्वारा जो आरक्षण लाया गया है और उसमें मेधावी ब्राम्हण युवाओं को प्रवेष नहीं मिल पा रहा है और वे टेलेंट का यथोचित उपयोग नहीं कर पा रहे है ऐसे स्थिति में ये आजीविका चलाने के लिये छोटा बडा काम कर रहे हैं जिसमें उन्हें काफी परेषानी का सामना करना पड रहा है। समुचे लोगों ने बार निवासी वरिश्ठ व आदरणीय विरंची नायक जी के निधन के लिये षोक जताया। समुचे कार्यक्रम का मंच संचालन राजीव लोचन पाढी द्वारा किया गया जिससे कार्यक्रम कडी से कडी जुडी रही और उबाउ नही रहा, वहीं भजन प्रस्तुति प्रदीप पुरोहित द्वारा की कई और आभार प्रदर्षन विनय कुमार षर्मा द्वारा किया गया। ज्ञात हो कि बैठक 2 चरणों में हुआ जिसमें आये हुये समाज के लोगों ने सर्वप्रथम चाय नाष्ता लिया और भोजनोरांत पुनः 5 बजे तक बैठक किया। इस बिच कईयों ने अपने व्यक्तिगत समस्याओं को भी अवगत कराया जिसमें पुजारी सेवा भूमि में धान बिक्री में आ रहे अडचन को साझा किया वहीं यजमान के दबाब में आकर उनके द्वारा किये जा रहे परिवार विरोधी तथ्यों को अवगत कराया गया जिसमें पदाधिकारियों ने कोई रास्ता निकालने का आष्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि देष में जब आर एस एस की स्थापना हुई उसी के आसपास आरण्यक ब्राम्हण समाज संगठन की भी स्थापना हुई ऐसा दस्तावेज बरमकेला के छुआरीपाली में दस्तावेज मिलते हैं।
