
मेले में तब्दील हुआ ग्राम देवलसुरा, आते जाते प्रत्येक व्यक्ति इन दिनों गुनगुना रहा जै जै राम सीताराम राधे श्याम सीताराम, किसी ने इसे फिल्मी धुन में गया तो किसी ने शास्त्रीय, किसी ने उड़िया लहजे में तो कोई छत्तीसगढ़ी। कोई मृदंग में तो कोई मजीरा में, कोई गाने में तो कोई डांस में, इन सब थके हारो को ऊर्जा देने झुंड के झुंड लगे है आयोजन समिति और हर प्रकार सेवा मुहैया करा रहे हैं।
पुसौर जनपद क्षेत्र का ग्राम देवलसुरा अखंड रामायण गायन, सुन्दरकांड पाठ संहित अन्य भक्तिमय संगीत के लिये पिछले कई वर्शो से प्रसिद्धि प्राप्त कर चुका है और इसे और ही भव्य बनाने इन दिनों यहां के आदर्ष नव युवक मण्डल के युवा हर संभव प्रयासरत रहे हैं जिससे ग्राम में खेल, विकास कार्य सहित सांस्कृतिक कार्यो को यथोचित गति मिल रही है और गांव में एक सहृदयता का वातावरण बना हुआ है। जानकारी के मुताविक इस ग्राम में पिछले 100 वर्श पुर्व से यहां रामसप्ताह का आयोजन होता रहा है इसी कडी में 101वा रामसप्ताह का आयोजन जारी है जिसका समापन 1 फरवरी रविवार को होगा। इस सम्बंध में आदर्ष नव युवक मण्डल के अध्यक्ष एवं ग्राम पंचायत युवा सरपंच कृश्ण कुमार डनसेना ने बताया कि प्रतिदिन क्षेत्र के कीर्तन मंडलियों की सुमधुर गायकी देखने व सुनने का मौका मिल रहा है बिते गुरूवार को बुनगा सोडेकेला, ओडेकेला सहित अन्य गांव के कीर्तन मंडलियां अपने अपने पारी के अनुसार अपनी भक्तिमय कीर्तन का प्रदर्षन किया। ’’जय जय राम सीताराम राधेष्याम सीताराम‘‘ इस महामंत्र को किर्तन पार्टियों के सस्वर गायन से देवलसुरा और आसपास के गांवों में एक उत्साह का वातावरण बना हुआ है। समापन के अवसर पर नगरभ्रमण कीर्तन एवं महाप्रसाद वितरण होगा। युवक मण्डल ने इस वर्श इस कार्यक्रम को भव्य बनाने आसपास के कीर्तन पार्टीयों को निमंत्रित किया है और महाप्रसाद वितरण के लिये हर संभव अच्छे अच्छे व्यंजनों को समावेष करने की व्यवस्था की है।
