
अपने उत्कल ब्राह्मण समाज ही नहीं अन्य ब्राह्मण बटुकों को भी सम्मान के साथ इस सामूहिक संस्कार में शामिल कर देता आ रहा उदारता का परिचय, आपसी विश्वास और संवाद को मिलता रहा बढ़ावा, सादे समारोह के बीच बटुक के सभी संस्कार निर्धारित समय में।
रामनवमी के पावन अवसर पर प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सामूहिक व्रतोपनयन संस्कार का आयोजन करने सुनिष्चित किया इसके लिए गुरुवार को उत्कल ब्राह्मण समाज तहसील पुसौर ने बैठक किया। जिसमें व्रतोपनयन संबंधी सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई और बटुक पंजीयन से लेकर पूरे आयोजन की रूपरेखा के बारे में सभी ने अपने अपने विचार रखे। बैठक में उपस्थित समाज के वरिष्ठजनों ने इस आयोजन को भव्य बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर एकजूटता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। ज्ञात हो कि समाज रूपी वट वृक्ष की छाया में सभी लोगों को समता की भावना में पिरोने का यह पावन कार्य निरंतर 13 वर्षों से जारी है, सामूहिक व्रतोपनयन संस्कार में जहाँ नन्हें वटुकों का उपनयन संस्कार मंत्रोच्चार के साथ विधि पूर्वक किया जाता है वहीं इस आयोजन में उत्कल संस्कृति की झलक मन को मोह लेने वाली होती है। पुसौर में होने वाले इस आयोजन की चर्चा न केवल पूरे छत्तीसगढ़ में होती है बल्कि पड़ोसी राज्य उड़ीसा में भी होती है। इस बैठक में समाज के संरक्षक पंडित गुणनिधि सतपथी, संरक्षक अनिल पंडा समाज के अध्यक्ष अक्षय सतपथी व्रतोपनयन समिति अध्यक्ष मोहित सतपथी समाज के सचिव विकास कुमार होता, सुभाष चंद्र होता, राजेंद्र शर्मा सुधीर शर्मा गिरधारी होता अनिल सतपथी कीर्तिवास होता डमरूधर पंडा प्रांजल पंडा अभिनव सतपथी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे वही समाज के महिला संगठन अंतर्गत अध्यक्ष नलिनी पंडा व पदाधिकारी वेदमती पंडा पूर्णिमा सतपथी उमा षड़ंगी, प्रतिभा पंडा, सुषमा षड़ंगी प्रतिमा होता उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि प्रायः सभी कार्यक्रमों में समाज के मातृषक्तियों का भी यथोचित और सम्मानजनक योगदान रहता है जो समाज के संगठन को समग्रता प्रदान करने के साथ साथ सार्वभौमिकता को दर्षाता है। अब तक हुए इस तरह के कार्यक्रम में आबाल वृद्ध पर्यंत सभी की सहभागिता सुनिश्चित की जाती रही जो समाज के संगठन के पुष्टता को प्रदर्शित करता है।
