
बगैर कार्य किए उसके राशि आहरण का दूसरा मामला उजागर, इसके पूर्व सीएमओ नीतू अग्रवाल के समय भी हुआ था उजागर, कार्यवाही के नाम पर केवल खाना पूर्ति होने से बेखौफ होकर की जा रही आर्थिक अनियमितता।
नगर पंचायत पुसौर में बगैर निर्माण किये संबंधित निर्माण कार्यके राषि आहरण का सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। इसके पुर्व वार्ड क्रमांक 1-2 में बगैर आर सीसी नाली निर्माण किये राषि आहरण के षिकायत के साथ उसकी पुश्टी हुई थी अब उस कडी में दुसरी नाली वार्ड क्रमांक 14 का है जो मुख्य सडक से लक्ष्मी चैहान के घर तक का है। दस्तावेजी सुत्र बताते हैं कि तात्कालीन समय में सब इंजिनियर अजय प्रधान एवं सीएमओ क्षितिज सिंह रहे और इस कार्य को ठेकेदार उमाचरण गुुप्ता द्वारा किया गया था। जिसमें उमाचरण गुप्ता को नगर पंचायत पुसौर द्वारा दिनांक 21.11.22 को 239523 रूपये भुगतान हुआ तथा दुसरी किष्त दिनांक 12.10.23 को 13204 रूपये भुगतान हुआ। नगर पंचायत में रहे कुछ लोगों के मुताविक कितने निर्माण कार्य ऐसे हैं जो पुरा हुये उसका पुरा भुगतान हो गया है इसमें से बाजार परिसर स्थित मंगल भवन है जिसमें अब भी आठ लाख रूपये से षेश निर्माण कार्य कराया जाना है जिसमें पानी टंकी, वायरिंग आदि है जिसे पुरा कराये बगैर संबंधित ठेकेदार को राषि भुगतान कर दिया गया है। नगर पंचायत पुसौर द्वारा किये गये आर्थिक अनियमिताओं की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि परत दर परत निकलते जा रहा है जिसे षासन प्रषासन के लोगों के संज्ञान में आ चुका है इसके बावजुद भी संबंधितों पर कोई कार्यवाही नहीं हो रहा है। इससे स्पश्ट हो जाता है कि इसमें उच्चाधिकारीयों का बरदहस्त है जिसके कारण बेखौफ होकर आर्थिक अनियमितताओं को ये अंजाम तक पहंुचा रहे हैं और अपने जेबे भर रहे हैं। इस संबंध में पार्शद ओकेष बेहरा का कहना है कि षासन प्रषासन इन अनियमिताओं पर परदा डालते रहेंगे तो इसका फैसला कोर्ट करेगा। जहां दुध का दुध और पानी का पानी अलग अलग सामने होंगे।
