जैविक आवश्यकताओ में हमेशा उपयोग में आने वाले पानी जैसे महत्व पूर्ण तत्व के उत्पाद करने वाले उपक्रम को स्थापना करने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी की घोर लापरवाही का उजागर।
देष के प्रत्येक घरों में स्वच्छ पानी मुहैया कराने के मद्देनजर लाये गये योजना राश्ट्रीय जल जीवन मिषन के तहत पिछले कई सालों से पानी टंकिया, पाईप लाईन का विस्तार के साथ साथ नलकुप खनन आदि का कार्य जारी है। बिते कार्यकाल में पुसौर क्षेत्र में इस योजना के तहत 30 प्रतिषत बने इस तरह के सारे संयत्र कई निरीपयोगी रहे तो कहीं पुर्ण रूप से बनने के बाद भी उसका उपयोग नहीं हो पाया और कहीं कहीं तो बनना भी प्रारंभ नहीं हो पाया। इस कडी में ग्राम लिंजिर में बने रहे 2 लाख लीटर का पानी टंकी है जिसकी स्वीकृति अक्टुवर 2023 से हो गई थी जिसे जनवरी 2026 में बनते हुये देखा जा रहा है। बताया जाता है कि केन्द्र के आधी राषि और प्रदेष षासन के आधी राषि से यह योजना संचालित है इसमें ज्यादातर कमांडिंग केन्द्र के लोगों का होता है और संबंधित निर्माण कार्यो को छ.ग. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मुर्तरूप देती हैं। इसी योजना के तहत ग्राम टपरदा में पिछले 2 सालों से एक विषाल जल संयंत्र स्थापित की जा रही है जिसका पानी 45 ग्रामों में पहुंचाने की व्यवस्था है जिसमें रायगढ विधान सभा क्षेत्र के कुछ ग्राम हैं षेश सभी ग्राम खरसिया विधानसभा क्षेत्र के हैं। उक्त निर्माण कार्य का समय भी निर्धारित समय से अधिक हो चुका है और यह जल संयत्र तैयार नहीं हो पाया है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी अनुसार ग्राम लिंजिर में बन रहा पानी टंकी 2023 में कोडातराई में बनना था जहां जगह के विवाद के कारण यह कार्य स्थगित हुआ और जगह के चयन करने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को 2 साल लग गये। जानकारों की माने तों उक्त विभाग पर किसी का नहीं चलता इसलिये आये दिन इस तरह की स्थिति निर्मित होती रहती है। अब देखना है पानी टंकी कब तक पानी बनेगा और उसका पानी लोगों को मिलेगा या नहीं।

