पीएम आवास निर्माण कागज में कितने और धरातल में कितने?

        ये तो तय है पीएम आवास का लाभ 20 प्रतिशत ऐसे लोगों को रसूख के बल पर पा रहे है, 20 प्रतिशत हितग्राही यस मेन बन कर योजना का लाभ उठा रहे है, और शेष में संशय बनी हुई है।
        प्रदेष सरकार पीएम आवास निर्माण को लेकर काफी संवदेनषील है चूंकि बिते सरकार में इस योजना का लाभ अपेक्षाकृत कम हुई बल्कि इसे रोक दिये जाने की भी बात कही जाती है और बिते दो सालों में सरकार अपने पुराने लक्ष्य के साथ साथ अपने कार्यकाल के लक्ष्य को भी पुरा करना चाहती है इसलिये आये दिन षासन प्रषासन के लोग इस पर काम कर रहे हैं। बावजुद इसके प्रस्तुत किये गये आंकडे से पीएम आवास निर्माण दस्तावेज में पीछे तो है ही वहीं धरातल में और पीछे होने की खबर प्रकाष में आया है। इसमें कई हितग्राही ऐसे है जो षासन के अनुदान राषि में स्वयं का पैसा मिला कर अपने आवास को मजबुत बना रहे हैं वहीं कई हितग्राही पहला किस्त लेकर गायब हो चुके हैं। बताया जाता है कि ऐसे हितग्राही समुचे पुसौर ब्लाक में 15 प्रतिषत से अधिक है और नगर पंचायत पुसौर में इसकी प्रतिषत 20 तक बताई जा रही है खबरों के मुताविक समुचे प्रदेष में बिलासपुर जिला पीएम आवास को लेकर पहले पायदान में है वहीं रायगढ जिला दुसरे पायदान में है और रायगढ जिला में पुसौर नगर एवं जनपद  पीएम आवास को लेकर पहले श्रेणी में होना बताया जाता है। इसमें सुत्रों का कहना है कि जो आंकडे प्रस्तुत किये जा रहे हैं वह धरातल में नहीं है इसके लिये संबंधित विभाग से जुडे लोगों को होम वर्क करने की जरूरत है। बिते दिनांक को एनटीपीसी क्षेत्र के लोहाखान के दो हितग्राहियों ने एक साथ अपना पीएम आवास अनुदान राषि में अपना और पैसा मिला कर बना रहे हैं जो योजना को कारगर सिद्ध कर रहा है लेकिन वहीं कुछ हितग्राही ऐसे मिले जो किष्त की राषि उठा चुके हैं और वे निर्माण प्रारंभ नहीं किये हैं। इस तथ्य पर वहां के रोजगार सहायक को संपर्क किया गया जिससे समुचित जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाया। उल्लेखनीय है कि आफिस खर्च अथवा व्यवहार राषि के रूप में हितगाहियों पर अतिरिक्त व्ययभार होने की बात भी कही जाती है।

Goutam Panda

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EDITOR - CG LIVE NEWS

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