
छोटे खाता धारकों व शासकीय अनुदान लेने वालों को हो रहा परेशानी, कइयों के आवास निर्माण रुके तो कइयों को मिलने वाले सब्सिडी। सरकार और बैंक प्रबंधन मौन।
तहसील मुख्यालय पुसौर में कई दषकों से स्थापित स्टैट बैंक पुसौर में इन दिनों यहां के स्टाफ के मनमानी के चलते ग्राहकों को परेषानी का सामना करना पड रहा है वही एक वृद्ध महिला के आवास के किष्त की राषि नहीं मिलने से उसका आवास अधुरा पडा हुआ है और वर्तमान कडाके की ठंड में उसे आंट परछी में रहना पड रहा है। ज्ञात हो कि स्टैट बैंक पुसौर में 6 कांउटर है जहां के 1 काउंटर हमेषा खाली रहता है और षेश काउंटर में जो लोग रहते हैं वे ग्राहक होने के बाद भी ज्यादातर समय अपने मोबाईल में बिजी रहते हैं। यह षिकायत कई बार ग्राहकों द्वारा की जा रही है लेकिन इस पर सुधार नहीं हो पाया है। बिते दिनांक को ग्राम पंचायत ओडेकेरा के सरपंच के साथ एक वृद्धा आई थी जिसने बताया कि उसका पीएम आवास की राषि 22500 रूप्ये आया था जो वृद्धा के लोन राषि में काट दिया गया है। इसमें वृद्धा का दावा है कि वह लोन की राषि भुगतान कर दिया है और सामने उसका रसीद भी दिखाया । वृद्धा ने बैक आकर कई बार रसीद दिखाने के बाद भी बैंक वाले ये कह रहे हैं कि आप को लोन बकाया है जिसके वे पुश्टी नहीं कर पा रहे हैं और वो बैंक के उच्चाधिकारी के पास जाने की सलाह दे रहे हैं। ज्ञात हो कि षाखा प्रबंधक नहीं होने की स्थिति में स्टाफ की मनमानी बढ जाती है चूंकि इनकी षिकायत सुनने वाला कोई नहीं रहता है। बिते कुछ दिनों से षाखा प्रबंधक मधुकर नहीं होने की स्थिति यह स्थिति निर्मित हो रहा है और लोग परेषान है।
