
शासन किसी की भी रहे सिस्टम उन्हीं की चलती रही है जो करते रहे है प्रशासन की मुखबिरी, अभिलेख और अधिकार से इतर बनाए जा रहे दस्तावेज, परेशान भू स्वामीयो ने न्याय की आस में खटखटाया जिलापाल का दरवाजा।
पुसौर तहसील क्षेत्र के ग्राम कोडातराई में हवाई पट्टी पिछले कई सालों से स्थापित है जहां कभी.कभी देश के बड़े नेता आते रहे हैं और जनसभाएं लेते रहे हैं। जानकारी के मुताबिक उक्त हवाई पट्टी को विस्तार देकर स्थाई रूप से एयरपोर्ट बनाए जाने की कवायद की जा रही है। इस परियोजना के लिए ग्राम बेलपाली औरदा और कोडातराई के निजी और शासकीय जमीनों को चिन्हांकन किया गया है। वहीं उक्त जमीन में जो रिहायसी क्षेत्र है उसमें कौन काबिज है और उसकी कुल परिसंपत्ति क्या हो सकती है इसकी तस्दीक की जा रही है। उक्त कार्य के लिए हल्का पटवारी और आरआई संबंधित क्षेत्रों में जाकर उसका मुआयना कर दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। संबंधित रहवासियों के कुछ लोगों का कहना है कि जो आरआई पटवारी आकर जमीनों को चिन्हांकित कर रहे हैं वे ग्राम के कुछ लोगों के कहने पर जमीन के स्वामित्व और वहां स्थित पेड़ मकान आदि परिसंपत्ति का निर्धारण कर रहे हैं। इससे क्षेत्र के लोगों में जहां आपसी मतभेद हो रहे हैं वहीं राजस्व विभाग के प्रति भी आक्रोश है। बताया जाता है कि ग्राम औरदा के कुछ आबादी और गौचर भूमि में जहां पिछले कई वर्षों से मकान बनाकर निवास कर रहे हैं उक्त भूमि गांव के कुछ नेता नुमा लोग हमारे कब्जे की भूमि है इसे हमारे नाम में दर्ज किया जाये कहकर आरआई पटवारी को सुझाव दे रहे हैं। इसमें ये आरआई पटवारी भी उनके सुझाव को मान रहे हैं और उसी अनुसार दस्तावेज तैयार कर रहे हैं। ऐसे स्थिति में संबंधित रहवासी कलेक्टर एसडीएम और तहसीलदार के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर पुनर्जांच कर यथोचित दस्तावेज निर्माण करने की मांग की है ताकि भविष्य में उन्हें उनके मकान का उचित मुआवजा मिल सके। इस परियोजना से प्रभावित लोगों की माने तो इस मामले में स्थानीय प्रशासन को जल्द से जल्द कार्रवाई करनी चाहिए और इस विवाद को सुलझाने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। यह न केवल एयरपोर्ट निर्माण परियोजना के लिए आवश्यक है बल्कि यह भी सुनिश्चित करने के लिए कि स्थानीय लोगों के अधिकारों की रक्षा की जाए और उन्हें उचित मुआवजा मिले।
