
पुसौर, रायगढ़, 19 अप्रैल 2026 – नगर पंचायत पुसौर में भीषण जल संकट को लेकर बीजेपी पार्षद आकेश बेहरा ने नगर पंचायत के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद का कहना है कि कर्मचारी पानी की समस्या का समाधान करने की बजाय उसे बनाए रखने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
सोशल मीडिया पर उठा मुद्दा
इन दिनों पुसौर नगर में पानी की भारी किल्लत है। सोशल मीडिया पर आम नागरिकों के साथ-साथ कई पार्षद भी अपने-अपने वार्ड में पानी नहीं मिलने की शिकायत कर रहे हैं और सुझाव दे रहे हैं। नगर पंचायत प्रबंधन भले ही अपनी व्यवस्थाओं को लेकर आश्वस्त हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। पानी न मिलने से परेशान लोग और जनप्रतिनिधि अब खुलकर नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
4 चालू नलकूपों को बंद बताया जा रहा है: पार्षद
बीते दिनों नगर पंचायत पुसौर के बीजेपी पार्षद आकेश बेहरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कर्मचारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए। जनजागरण मंच पर अपनी बात रखते हुए उन्होंने कहा कि बाजार परिसर में 4 नलकूप पूरी तरह चालू हालत में हैं, लेकिन नगर पंचायत के कर्मचारी उन्हें बंद बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
पार्षद बेहरा ने अटल चौक, बाजार से वीडियो जारी कर उन सभी जगहों की जानकारी दी जहां नलकूप स्थापित हैं। उनका दावा है कि इन नलकूपों से साफ और मीठा पानी मिलता है। यदि इनसे सप्लाई शुरू कर दी जाए तो कई वार्डों के लोगों को जल संकट से राहत मिल सकती है। पार्षद के अनुसार नगर पंचायत के कर्मचारियों ने यह वीडियो देखा भी है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीएमओ आरोपों को बताया बेबुनियाद
इस मामले में जब नगर पंचायत पुसौर के सीएमओ ललित साहू से बात की गई तो उन्होंने पार्षद द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया। सीएमओ ने कहा कि यदि पुसौर के नागरिक अपने-अपने नलों में टोटी लगा लें तो पानी की बर्बादी रुकेगी और समस्या काफी हद तक हल हो सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूर्व सीएमओ के कार्यकाल में कर्मचारियों को कार्य का वितरण ठीक से नहीं किया गया था। वर्तमान में सभी कर्मचारियों को उनके काम का विवरण दे दिया गया है और प्रतिदिन कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी ली जा रही है।
दूसरी बार के पार्षद हैं आकेश बेहरा
गौरतलब है कि ओकेश बेहरा लगातार दूसरी पंचवर्षीय से पार्षद का कार्यभार संभाल रहे हैं। इसका सीधा अर्थ है कि वार्ड की जनता को उनकी कार्यशैली पर भरोसा है। मौजूदा कार्यकाल में अपने वार्ड में पानी की कमी से जूझ रहे लोगों की समस्या का समाधान नगर पंचायत द्वारा नहीं किए जाने से नाराज होकर ही उन्होंने यह रास्ता अपनाया है।
सत्ता पक्ष के पार्षद को ही सुनवाई नहीं
स्थानीय लोगों का कहना है कि आमतौर पर इस तरह की अनदेखी विपक्ष के पार्षदों और उनके वार्डवासियों के साथ होती है, लेकिन यहां सत्तारूढ़ दल बीजेपी के पार्षद को ही नगर पंचायत में सुनवाई नहीं मिल रही है। यह बात लोगों के गले नहीं उतर रही है। फिलहाल पुसौर में जल संकट बरकरार है और लोग नगर पंचायत से ठोस कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
