पुसौर, 01 मई 2026 – पुसौर तहसील क्षेत्र के ग्राम छोटे भंडार में स्थापित अडानी पावर लिमिटेड द्वारा प्रभावित ग्रामों में सीएसआर के तहत विकास कार्य कराए जाते हैं। अब तक परंपरा रही है कि जिस ग्राम पंचायत में जो कार्य आबंटित होता है, उसे संबंधित पंचायत के पदाधिकारी ही संपन्न कराते हैं। लेकिन इस बार ग्राम पंचायत टपरदा में कलमा से टपरदा रोड निर्माण कार्य दूसरे जिले के ठेकेदार को आबंटित करने पर बीते 30 अप्रैल को विवाद खड़ा हो गया ।

सरपंच को दी सहमति, फिर भी शुरू कर दिया काम
जानकारी के मुताबिक टपरदा सरपंच दिनेश जांगड़े ने अब तक अडानी से मिले सभी विकास कार्यों को पंचायत के लोगों के साथ मिलकर पूरा किया है। वर्तमान में कलमा-टपरदा रोड का काम दूसरे जिले के ठेकेदार को आबंटित होने पर उन्होंने अडानी प्रबंधन से इसे स्थानीय स्तर पर कराने की मांग की थी। प्रबंधन ने मौखिक रूप से ठेकेदार बदलने की सहमति भी दे दी थी। इसी क्रम में सरपंच दिनेश ने संबंधित ठेकेदार से भी निवेदन किया। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार को धैर्य रखकर काम रोकना चाहिए था, लेकिन उसने रोड का काम शुरू कर दिया।
मना करने पर लाठी-डंडे से हमला
जब सरपंच दिनेश जांगड़े ने काम रोकने को कहा तो ठेकेदार के डंपर चालक सहित अन्य लोगों ने उनके साथ लाठी-डंडे से मारपीट कर दी। गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमला इतना गंभीर था कि दिनेश की जान भी जा सकती थी, लेकिन वे किसी तरह बच निकले।
घटना के बाद ठेकेदार के लोग फरार
वारदात के बाद टपरदा के ग्रामीण गिट्टी अनलोड कर रहे डंपरों के पास पहुंचे, लेकिन तब तक ठेकेदार के सारे लोग मौके से गायब हो चुके थे। इस घटना से सरपंच दिनेश जांगड़े सहित अन्य पंचायत पदाधिकारी और ग्रामीण दहशत में हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
घटना के बाद टपरदा पंचायत में आक्रोश है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मांग की है कि भविष्य में प्रभावित गांवों में होने वाले सीएसआर कार्यों में संबंधित ग्राम पंचायत की सहमति अनिवार्य की जाए।
थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी
ग्रामीणों ने बताया कि वे थाना पुसौर में रिपोर्ट दर्ज कर संबंधित ठेकेदार एवं उसके लोगों के खिलाफ आवेदन प्रस्तुत करने की तैयारी में हैं। मौके पर कुसुम जांगड़े, श्यामलाल जांगड़े, अर्जुन साव, बसंत खुंटे, रतिराम खुंटे, सुखराम खुंटे, विद्याधर साव, नर्मदा सिदार, नानबुटी निषाद सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार संबंधित ठेकेदार शक्ति जिले के एक जिला पंचायत सदस्य के परिवार से है। उसका कहना है कि कंपनी के निर्देश पर उसे काम शुरू करना पड़ा। विवाद का मुख्य कारण डंपर चालकों के साथ अभद्रता और डंपर की चाबी छीन लिया जाना है, जिससे स्थिति बिगड़ गई।
