
अपनी भांजी के जन्मदिन पर संबल और समरसता का प्रतीक धनु पूजा, उनके निवास भवन पर हुआ आयोजन, अपने माता पिता के प्रेरणा से रितेश प्रत्येक मांगलिक कार्यक्रमों को देते रहे मूर्तरूप, स्वयं भी यज्ञ स्वरूप।रामलीला में करते हैं अहम रोल।
पुसौर, 27 अप्रैल 2026 – पुसौर में पिछले कई वर्षों से रामलीला मंचन के साथ खासतौर पर गर्मी के महीनों में धनु पूजा का आयोजन किया जाता है। यह पूजा अब पूरे ब्लॉक के लोगों के बीच आस्था का केंद्र बन चुकी है। लोग अपनी सुविधा अनुसार इस आयोजन को कराते आ रहे हैं। इस वर्ष भी पुसौर में कई स्थानों पर धनु पूजा का आयोजन हो चुका है।
पूर्व नगर अध्यक्ष के यहां हुआ भव्य आयोजन
इसी कड़ी में शनिवार को पूर्व नगर अध्यक्ष रितेश गुप्ता के निवास पर धनु पूजा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में धनु पूजा की टीम, श्रद्धालुओं के साथ नगर पंचायत के कई पार्षद भी मौजूद रहे। नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश साव भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
ऊंचे स्थान पर रखे जाते हैं राम-लक्ष्मण के आयुध
यह पूजा मुख्यतः भगवान राम-लक्ष्मण के आयुधों को भगवान हनुमान के विग्रह के साथ एक ऊंचे स्थान पर स्थापित कर की जाती है। इस दौरान रामलीला पुस्तक में वर्णित भगवान राम-लक्ष्मण की स्तुति का गायन किया जाता है।
बढ़ता है आपसी भाईचारा
आयोजन में आए हुए श्रद्धालुओं का आयोजनकर्ता द्वारा उचित सम्मान किया जाता है, जिससे उनके निवास स्थान में दिव्य वातावरण के साथ आपसी भाईचारा और समरसता का भी संचार होता है। धनु पूजा को शक्ति संचय, संबल और समरसता प्रदान करने वाला आयोजन माना जाता है।
गायन से होता है शक्ति का संचार
मान्यता है कि जब गायकों द्वारा पूजा के बीच इन स्तुतियों का गायन किया जाता है तो एक ऐसी दिव्य गूंज उत्पन्न होती है जो पूरे क्षेत्र में शक्ति का संचार करती है। इससे आयोजनकर्ता और इसमें शामिल लोगों में संबल व आत्मबल का विकास होते देखा गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में होने वाली यह धनु पूजा अब पुसौर की सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। हर वर्ष इसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
