पुसौर, 20 अप्रैल 2026 – तहसील मुख्यालय पुसौर से महज 3 किमी दूर स्थित ग्राम गोतमा निवासी आनंद राम गुप्ता को नाग सांप के काटने के बाद लोकेश हॉस्पिटल में समय पर इलाज मिलने से नई जिंदगी मिली है। डॉक्टरों के अनुसार अब वे खतरे से बाहर हैं।

खेत में मखना काटते समय हुआ हादसा
ग्राम गोतमा निवासी आनंद राम गुप्ता पिता मिलु गुप्ता रोज की तरह तड़के सुबह अपने खेत गए थे। खेत में फैले मखना घास की सफाई करते समय उनका एक पैर घास में छिपे नाग के पूंछ पर पड़ गया। इससे नाग ने पलटकर उनके पैर में डस लिया।
सूझबूझ से बचाई जान
घटना की गंभीरता को भांपते हुए आनंद राम ने तुरंत अपने गमछे को पैर के ऊपर कसकर बांध दिया। घर पहुंचकर उन्होंने पैर पर रबर ट्यूब से और जोर से बांधा। इसके बाद बच्चे से ब्लेड मंगवाकर सांप के काटे हुए स्थान पर चीरा लगवाकर दूषित खून निकलवाया और तुरंत लोकेश हॉस्पिटल पहुंचे।
18 साल पहले करैत ने भी डसा था
आनंद राम ने बताया कि 18 साल पहले उन्हें करैत सांप ने भी डसा था। उस समय भी इसी तरह के प्राथमिक उपचार से उनकी जान बची थी। गांव में मान्यता है कि “जिसकी मृत्यु समीप हो उसे करैत डसता है और जिसने कोई बड़ा दोष किया हो उसे नाग सांप डसता है।” इस घटना के बाद गांव के लोग आनंद राम को देखने पहुंच रहे हैं, जिनमें गांव के पूर्व मालगुजार परिवार के रूपधर गुप्ता भी शामिल हैं।
तुरंत शुरू हुआ सघन इलाज
हॉस्पिटल प्रबंधन ने मौके की नजाकत को देखते हुए बिना देरी किए सघन इलाज शुरू कर दिया। डॉक्टरों ने लगातार एंटी-वेनम सहित अन्य प्रतिरोधी दवाएं देना शुरू किया, जिससे उनकी जान बच सकी।
डॉक्टरों की सलाह: झाड़-फूंक नहीं, तुरंत पहुंचें अस्पताल
डॉक्टरों ने स्पष्ट किया कि सांप काटने पर झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें। काटे गए स्थान के ऊपर कसकर बांधें, पीड़ित को लिटाकर रखें और जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। आनंद राम की सूझबूझ और समय पर मिला इलाज उनकी जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ। फिलहाल उनकी हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं।
