
इस अवसर पर सीईओ विवेक गोस्वामी ने उनके संपूर्ण जमा राशि 38 लाख से अधिक रुपए का दिया चेक, जनपद का समूचा वित्तीय लेनदेन लेखपाल की हैसियत से था गुप्ता के अधीन, पारदर्शिता और निर्विवाद छवि के कारण थे लंबे समय तक लेखपाल।
ज्यादातर सेवा पुसौर जनपद में ही देकर एकाउंटेंट के पद से के.एस गुप्ता सेवा निवृत्त हुये इस अवसर पर सीईओ विवेक गोस्वामी की अगुवाई में क्षेत्र के सभी सचिव , कार्यालय के स्टाफ एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में एक विदाई का कार्यक्रम आयोजित हुआ। लगभग 3 बजे से प्रारंभ हुये उक्त कार्यक्रम जनपद के सभा कक्ष में हुआ जहां सचिव संघ प्रमुख लक्ष्मीनारायण साव, जनपद के लेखापाल गोरेलाल पटेल, पंचायत निरीक्षक भुवनेष्वर सिदार ने सारे तैयारी को अंजाम दिया वहीं जनपद अध्यक्ष हेमलता चैहान, उपाध्यक्ष क्षीरमती चैहान, पुर्व उपाध्यक्ष गोपी चैधरी, क्षेत्र के सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजुद रहे। ज्ञात हो कि 1987 में के.एस गुप्ता जनपद में लिपिक के पद पर नियुक्ति पाया और एक लंबे अर्से तक पुसौर में ही सेवा देते हुये पदोन्नति प्राप्त किया और अंत में लेखापाल के पद से सेवा निवृत्ति हुये। बिच में कुछ माह के लिये इनका जिला पंचायत स्थानांतरण हुआ था। सेवा निवृत्ति को लेकर आयोजित विदाई समारोह बहुत ही भावपुर्ण एवं हृदय स्पर्षी रहा चूंकि ये एक परिवार की तरह एक साथ काम करते थे इसलिये समारोह के बीच कईयों ने हृदय की गहराई से अपने साथ बिताये पल को साझा किया। मालुम हो कि ग्राम गोतमा के सरपंच श्रीमती तनुजा गुप्ता इनके पत्नि हैं जो इस अवसर पर अपने सरपंच संघ के साथ मौजुद रहीं और जैसेही विदाई समारोह यहां संम्पन्न हुआ तो इन्हौने समुचे कार्यक्रम में षामिल लोगों को अपने निवास ग्राम केषापाली आने का नेवता दिया और स्वयं सेवा निवृत्त के एस गुप्ता को एक सजे हुये रथ नुमा कार में सवार कर अपने निवास ग्राम पहुंचे इस बिच आतिषबाजी और बाजा गाजा का उत्सव बडे आकर्शक एवं प्रभावी रहा। केषापाली पहुंचने पर गांव के लोगों ने अपने घरों के सामने कलष और दीप जलाये रखे थे जहां के.एस गुप्ता बारी बारी से पहुंचे जिन्हें गांव के लोगों ने अंग वस्त्र देकर सम्मान किया। केषापाली में पुनः ग्राम के लोगों तथा कोल्ता समाज एवं इनके इश्ट मित्र व परिवार जनों ने एक कार्यक्रम अयोजित किया जहां सभी ने अपने अपने मन्तव्य साझा किये। उक्त कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मोहित सतपथी, पुर्व नगर अध्यक्ष किसोर कसेर, उपाध्यक्ष उमेष साव, सरपंच सघ के अध्यक्ष मृत्युजय ठाकुर सहित अन्य सरपंच मौजुद रहे। उल्लेखनीय है कि के.एस गुप्ता इकलौते बेटे होने के बावजुद भी पढाई के साथ किसानी कार्य लगातार जारी रखा था, साईकिल में सब्जी लेकर रायगढ जाते थे और वहीं कालेज में पढाई कर वापस आते थे इस तरह का इनका दिनचर्या था और इस प्रकार इन्हौने समाज षास्त्र, राजनीति षास्त्र और अर्थषास्त्र 3 विशय में एम ए कर लिया वहीं लगातार टाईपिंग प्रषिक्षण प्राप्त किया जिसके बदौलत 1987 में तात्कालीन प्रभारी जनपद अध्यक्ष रेणुधर भोय एवं बीडीओ देषमुख इन्हें लिपिक के पद पर नियुक्ति दी। वहीं कुछ समय बाद जनपद अध्यक्ष रहे चमरू गुप्ता की बेटी तनुजा गुप्ता से इनका विवाह जो आज गोतमा के सरपंच हैं। समुचे कार्यक्रम को मुर्तरूप देने गोतमा के पुर्व सरपंच आषीश गुप्ता, जो कि इनके बेटे हैं का महत्वपुर्ण भुमिका रहा।
