एक गांव की बेटी ने देश के डिफेंस सेक्टर में जाने के लिए अपने को इतना मजबूत और सक्षम बनाया कि उसमें उसे सफलता मिली। ग्रामीण क्षेत्र में रहकर मिली यह सफलता निसंदेह उस बेटी और उसके परिवार के लिए जहां खुशी के क्षण हैं, वहीं क्षेत्र के लोगों के लिए यह प्रेरणादायी है।
जानकारी के अनुसार, सरिया सांकरा निवासी राम पातर एवं लता पातर की बेटी आराधना पातर ने इस उपलब्धि को हासिल किया, जिसका सम्मान समारोह उनके ग्राम सांकरा में बड़े भव्यता के साथ आयोजन हुआ। आराधना पातर बताती हैं कि इस नियुक्ति के लिए शैक्षणिक योग्यता उतनी मायने नहीं रखती, जितना कि शारीरिक दक्षता एवं संबंधित प्रशिक्षण। प्रशिक्षण के लिए इन्होंने नियुक्ति पाने के बाद देश के तिब्बत बार्डर में गए थे और प्रशिक्षण संपन्न होने के बाद इनकी तैनाती उत्तराखंड उत्तरकाषी में है।

इनके परिजन चंदन प्रधान, जो कि पुसौर के प्रमुख व्यवसायी हैं, बताते हैं कि इनकी प्रारंभिक शिक्षा ग्राम सांकरा में हुई और सरिया के कॉलेज में ग्रेजुएशन पूर्ण करने के बाद यह मुकाम हासिल किया।
