
थाना कार्यालय के बाद सामान्य स्थिति में 1993 94 से पंचायतों के अधीन हो रहा जन्म मृत्यु का पंजीयन तथा स्वास्थ्य गत कारणों से इसका स्वास्थ्य विभाग में पंजीयन।
सामान्य जन्म अथवा मृत्यु का पंजीयन का अधिकार त्रिस्तरीय पंचायत राज लागु होने के बाद शासन द्वारा ग्राम पंचायतों व नगर पंचायतों को प्रदाय किया गया है वहीं यह स्वास्थ्यगत कारणों से होने पर यह अधिकार स्वास्थ्य विभाग को भी प्राप्त है। इसलिये जन्म मृत्यु के पंजीयन के संबंध मे तीन विभागों का एक साथ बैठक या जानकारी साझा की जाती रही है। षासन द्वारा जन्म मृत्यु के आंकडे जानकारी एकत्र करने के निर्देष पर बिते बुधवार को पुसौर जनपद सभा कक्ष में जिला से आये जिला योजना सांख्यिकी सहायक समन्वयक नम्रता पटेल, साख्यिकी अधिकारी अनिल किसपोटा, पुनम खेालखो राजस्व अन्वेशक, रष्मी चंद्रा कम्प्युटर आपरेटर सहित अन्य लोगों का टीम ने जनपद क्षेत्र के 89 पंचायतों के सचिवों, पुसौर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्राथमिक ,उप स्वास्थ्य केन्द्रों तथा नगर पंचायत पुसौर में कार्यरत जन्म-मृत्यु पंजीयन करने वाले कर्मचारियों के साथ बैठक किया। समुचे बैठक को नम्रता पटेल ने कमांड करते हुये जन्म-मृत्यु पंजीयन के दस्तावेज जारी करने के पहले महत्व पुर्ण किस किस तरह के दस्तावेज एवं परिस्थितियां अपेक्षित होनी चाहिये इस तथ्य पर प्रकाष डाला। इस बिच कईयों ने आ रहे अडचन को अवगत कराया जिसमें नम्रता पटेल एवं उनके टीम के लोगों ने बारी बारी से समाधान किया। ज्ञात हो कि जब त्रिस्तरीय पंचायत राज लागु नहीं हुआ था उस समय सामान्य जन्म मृत्यु की सूचना झांखर कोटवार थाने में जाकर देते थे और इसका पंजीयन कराते थे। पंचायतों में यह प्रक्रिया 1993-94 से प्रारंभ हुई है और पुसौर नगर पंचायत में यह 2008 से प्रारंभ हुआ है।
