
24 घंटे के भीतर नश्ती जमा करने की सीएमओ साहू द्वारा जारी हुई थी नोटिस, कार्यालयीन अनुशासन हीनता पर उठ रहे सवाल को लेकर स्वयं संज्ञान में लिये जेडी राकेश जायसवाल, तलब करेंगे अब संबंधितों को, कहा जांच उपरांत होगी कार्यवाही।
किसी सरकारी दफ्तर के अधीन काम कर रहे षासकीय अधिकारी कर्मचारी और ठेकेदारों के आपसी संबंधों के बीच कभी कभी व्यवहारवष अवलोकन अथवा कुछ समय के लिये आवष्यक दस्तावेज अथवा नस्ती अपने पास रखने की अनुमति मिलती है लेकिन उसे अधिकार समझ कर अपने पास रखना सरकारी नियमों का खुला उल्लंघन है वहीं इस पर विभाग प्रमुख द्वारा नोटिस तामिल करने के बाद भी उसे जमा नहीं किया जाना अपराध के श्रेणी में आता है। ऐसा ही वाकिया नगर पंचायत पुसौर में इन दिनों देखने को मिला है जिस पर नगरी निकाय के ज्वाईन डायरेक्टर राकेष जायसवाल ने जांच किये जाने का हवाला देते हुये कहा कि कार्यालय प्रमुख सीएमओ और ठेकेदार उमाचरण गुप्ता दोनों को तलब किया जायेगा और इसमें जो दोशी पाया जायेगा उस पर कार्यवाही होगा। ज्ञात हो कि एक निर्माण कार्य से संबंधित नस्ती को ठेकेदार उमाचरण गुप्ता द्वारा लिया गया था जिसे 24 घंटे के बीच कार्यालय में जमा करने हेतु सीमओ द्वारा नोटिस जारी किया गया और नोटिस जारी होने के एक हप्ते बाद भी उक्त नस्ती कार्यालय में जमा नहीं हुआ है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी प्रकाष में आने से ज्वाइन डायरेक्टर राकेष जायसवाल नेे इस संबंध में पुछे जाने पर कहा कि कार्यालय के दस्तावेज कार्यालय में ही होना चाहिये यदि नहीं है तो यह कार्यालय के अनुषासनहीनता के श्रेणी में होगा। इसमें खासकर सीएमओ का दायित्व है कि कार्यालय के सारे दस्तावेज उसके आंखों के सामने होने चाहिये, यदि नहीं है तो प्रथम दृश्टया इसका नैतिक दायित्व सीएमओ का ही है। निकट भविश्य में इसकी जांच की जायेगी और आरोप सिद्ध होने पर कार्यवाही भी की जायेगी। उल्लेखनीय है कि ठेकेदार उमाचरण गुप्ता से नस्ती हासिल हो इसके लिये सीएमओ हर संभव प्रयासरत है।
