
पुसौर, 28अप्रैल 2026 – भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ और समर्पित कार्यकर्ता श्रवण गुप्ता का मंगलवार को निधन हो गया। वे 61 वर्ष के थे और पिछले कुछ वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे। इनका अंतिम संस्कार उनके निवास ग्राम पडीगांव में बुधवार को होगा । इनके निधन से पुसौर क्षेत्र ही नहीं बल्कि जिले के भाजपा संगठन में शोक की लहर दौड़ गई है।
सरल जीवन, समाज सेवा का संकल्प
श्रवण गुप्ता का जन्म लगभग 1965 में हुआ था। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बावजूद उन्होंने साधारण, सहज और सरल जीवन शैली को अपनाया। जीविकोपार्जन के लिए शासकीय सेवा का विकल्प छोड़कर उन्होंने समाज सेवा का मार्ग चुना। उनके सहपाठी व परिवार जन इसके लिए इनकी सराहना करते है चूंकि जीवन को चमकीले बनाने के बनिस्पद उसे सरल बनाया वहीं ये साधारण आजीविका के जरिए आगे बढ़े। इसका परिणाम ये हुआ कि उनके दोनों बेटे इतने योग्य रहे जिसमें से एक बेटा इंजीनियर जमशेद पुर में पदस्थ है जहां ये इलाजरत रहे। अपने योग्य मुकाम पा सा
कांग्रेस के दबदबे में थामा था भाजपा का दामन
1990 के दशक में जब पूरे क्षेत्र में कांग्रेस का राजनीतिक दबदबा था, तब श्रवण गुप्ता ने भाजपा का दामन थामा। जशपुर और रायगढ़ में सक्रिय भाजपा के तत्कालीन शीर्ष नेताओं से प्रेरित होकर उन्होंने 1993 से अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की। पार्टी के सिद्धांतों और विचारधारा से प्रभावित होकर वे कम उम्र में ही वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों और कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लेने लगे थे।
संगठन में मजबूत पकड़, बिना पद के भी कराते थे काम
श्रवण गुप्ता की संगठन क्षमता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों में उन्होंने अपनी टीम के साथ भाजपा प्रत्याशियों को जिताने में अहम भूमिका निभाई। जमीनी स्तर पर उनकी मेहनत और रणनीति के कारण पार्टी का जनाधार बढ़ा और उनका कद भी लगातार बढ़ता गया।खास बात यह रही कि श्रवण गुप्ता कभी किसी संवैधानिक या संगठनात्मक बड़े पद पर नहीं रहे, फिर भी आम जनता के काम कराने में उनकी मजबूत पकड़ थी। लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास आते थे और वे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से समन्वय कर समाधान निकलवा देते थे। इसी कारण कार्यकर्ताओं के साथ-साथ आम लोग भी उनसे काफी प्रभावित रहते थे।
भाजपा नेताओं ने जताया शोक
श्रवण गुप्ता के निधन की खबर मिलते ही पार्टी कार्यकर्ताओं और परिजनों में शोक छा गया। मंडल अध्यक्ष जैमिनी गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष उमेश साव सहित कई वरिष्ठ भाजपाइयों और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उनके निवास पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। नेताओं ने कहा कि श्रवण गुप्ता का जाना पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपना पूरा जीवन संगठन और समाज सेवा को समर्पित कर दिया।

लंबी बीमारी के बाद ली अंतिम सांस
पिछले कुछ वर्षों से श्रवण गुप्ता अस्वस्थ चल रहे थे। वे अपने बड़े बेटे के पास रहकर इलाज करा रहे थे। अस्वस्थ हालात में भी सोशल मीडिया में अपने दोस्तों, पार्टी के वरिष्ठ नेता व कार्यकर्ता तथा परिवार जनों से जुड़े हुए थे। प्रत्येक सुबह भगवान जगन्नाथ के विग्रह के साथ उनका सुप्रभात अभिवादन लोगो को मिलता था, जिसमें अब विराम लग गया। उनके सहपाठी साथी जो वर्तमान पड़ीगांव हायर सेकेंडरी स्कूल में प्राचार्य है के मुताबिक इन्हें कमजोरी होने कारण अटैक आया और इस बीच इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली।
