
रायगढ़/लारा, 15 जून 2026। एनटीपीसी लारा अपने नैगम सामाजिक दायित्व के तहत पिछले पांच वर्षों से बेटियों का भविष्य संवारने में जुटा है। ‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’ के जरिए कंपनी ने अब तक आसपास के गांवों की 10 से 11 साल की 250 बालिकाओं को आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की राह दिखाई है।


11 जून को हुआ समापन, निदेशक दंपती ने बढ़ाया उत्साह
वर्ष 2026 के बैच का समापन समारोह 11 जून को धूमधाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एनटीपीसी के निदेशक (ईंधन) श्री शिवम श्रीवास्तव तथा वरिष्ठ सदस्या, संयुक्त महिला समिति श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव मुख्य रूप से शामिल हुए। दोनों ने प्रतिभागी बालिकाओं का उत्साहवर्धन किया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। श्री शिवम श्रीवास्तव ने कहा, “बालिका सशक्तिकरण केवल सामाजिक विकास का विषय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। जब एक बालिका शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बनती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार, समाज और राष्ट्र पर पड़ता है।”
एक माह के आवासीय प्रशिक्षण में क्या-क्या सीखा
इस वर्ष आसपास के गांवों से चयनित 90 बालिकाओं ने एक माह के आवासीय प्रशिक्षण में हिस्सा लिया। इस दौरान बालिकाओं को योग, आत्मरक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता, खेलकूद, कला एवं शिल्प, संचार कौशल, व्यक्तित्व विकास तथा जीवनोपयोगी विषयों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता तथा सकारात्मक सोच का विकास करना था।
रंगारंग प्रस्तुतियों ने मोहा मन
समारोह का मुख्य आकर्षण प्रतिभागी बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। लोकनृत्य, योग प्रदर्शन, आत्मरक्षा के करतब, नाट्य प्रस्तुतियों और अन्य कार्यक्रमों के जरिए बालिकाओं ने एक महीने में सीखे गए कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास देखकर उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। श्रीमती मीनाक्षी श्रीवास्तव ने बालिकाओं की सराहना करते हुए कहा, “प्रत्येक बालिका में असीम संभावनाएं निहित हैं। सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये बेटियां नई दिशा तय कर सकती हैं। शिक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर जीवन में आगे बढ़ें।”
2018 से देशभर में 13,000 से अधिक बालिकाएं लाभान्वित
एनटीपीसी द्वारा यह अभियान वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। अब तक देशभर में 13,000 से अधिक बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य जागरूकता, जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास के माध्यम से सशक्त बनाया जा चुका है। एनटीपीसी लारा वर्ष 2022 से इस अभियान का सफल संचालन कर रहा है। परियोजना प्रमुख श्री सुभाष ठाकुर ने कहा, “बालिका सशक्तिकरण अभियान जैसी पहलें समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा भावी पीढ़ी को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। एनटीपीसी लारा ग्रामीण समुदायों के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है।”
ऊर्जा के साथ समाज को भी रोशन कर रहा एनटीपीसी
एनटीपीसी सिर्फ देश की ऊर्जा जरूरतों को ही पूरा नहीं कर रहा, बल्कि बालिका सशक्तिकरण अभियान के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन, बालिकाओं को आत्मनिर्भर बनाने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में भी अहम योगदान दे रहा है। बच्चों एवं युवाओं के लिए समय-समय पर शैक्षणिक, खेल, कौशल विकास एवं व्यक्तित्व विकास कार्यक्रमों का आयोजन इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रमाण-पत्र और स्मृति-चिह्न से सम्मान
समारोह के अंत में सभी प्रतिभागी बालिकाओं को प्रमाण-पत्र एवं स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन उत्साह, प्रेरणा और उपलब्धि के भाव के साथ हुआ।
