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पुसौर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन मुस्तैद: राहत केंद्रों में पुख्ता इंतजाम

बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन की ताबड़तोड़ कार्रवाई

राहत केंद्रों में पुख्ता इंतजाम, जलस्तर पर रखी जा रही 24 घंटे नजर

सुरक्षा सर्वोपरि, अफवाहों पर ध्यान न दें” – अधिकारियों की अपील

बाढ़ का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों की टीम

रायगढ़, जुलाई 2026 । जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। स्थिति पर नियंत्रण और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए गुरुवार को जिला प्रशासन का वरिष्ठ अधिकारी दल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर निकला।

ग्राम सूरजगढ़  में जायजा लेते हुए

किन-किन गांवों का हुआ निरीक्षण
      निरीक्षण दल ने सूरजगढ़, चघौरी, सिंघपुरी, पर्सापाली सहित अन्य प्रभावित गांवों का भ्रमण किया। दल में जिला पंचायत सीईओ, सहायक कलेक्टर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ के साथ-साथ राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल थे। प्रत्येक गांव में सरपंच, पंच और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों ने भी अधिकारियों को जमीनी स्थिति से अवगत कराया। अधिकारियों ने घरों में घुसे पानी, फसल नुकसान, रास्ते बाधित होने और लोगों के विस्थापन की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनी गईं।

राहत केंद्रों में सुविधाओं का लिया जायजा
       बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए पड़ीगांव और छिछोरउमरिया स्थित राहत केंद्रों का भी गहन निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने यहां भोजन, शुद्ध पेयजल, स्वास्थ्य जांच, दवाइयां, स्वच्छता, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता देखी। राहत केंद्रों में रह रहे लोगों से मुलाकात कर अधिकारियों ने भोजन की गुणवत्ता, बच्चों और महिलाओं की विशेष देखभाल के बारे में पूछा। केंद्रों में अतिरिक्त बिस्तर, मच्छरदानी और प्राथमिक उपचार किट की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

राहत-बचाव के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त
      निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं जो राहत सामग्री के वितरण और बचाव कार्यों की मॉनिटरिंग करेंगे। उन्होंने राजस्व टीम को कहा कि प्रभावित परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों और आश्रय केंद्रों में विस्थापित किया जाए। किसी को भी जोखिम वाले स्थानों पर रुकने की अनुमति न दी जाए। नदियों और बांधों के जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखने और आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू टीम तैनात रखने के निर्देश दिए गए।

जनता से सहयोग की अपील
       प्रशासन ने आम जनता से अपील की कि वे घबराएं नहीं बल्कि शासन-प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें। अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी साझा न करें।

अधिकारियों ने कहा “आपात स्थिति में तुरंत अपने नजदीकी पटवारी, तहसीलदार, 112 या कंट्रोल रूम को सूचना दें। आमजन की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन हर संभव मदद के लिए तैयार है”

     प्रशासन ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की अतिरिक्त टीम भी बुलाई जाएगी। राहत सामग्री का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।


Goutam Panda

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EDITOR - CG LIVE NEWS

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