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एनटीपीसी लारा के “शिक्षा चौपाल” से गांव के बच्चों को मिला करियर का मार्गदर्शन, कर्मचारी बने बच्चों के भविष्य के सारथी, बोले- आप भी बन सकते हैं डॉक्टर, इंजीनियर, अफसर.

     सपनों के  दीवार में लिखे गए सपनों को मिली उड़ान


लारा, रायगढ़, जुलाई 2026 । सरकारी नौकरी के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की मिसाल पेश करते हुए एनटीपीसी लारा ने “शिक्षा चौपाल” नामक कर्मचारी स्वयंसेवी कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल के तहत कंपनी के अधिकारी और कर्मचारी अब अपना समय और अनुभव देकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई और करियर के लिए प्रेरित करेंगे।

छोपरा स्कूल से हुई शुरुआत, 60 से ज्यादा बच्चे जुड़े
       कार्यक्रम की पहली “शिक्षा चौपाल” का आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, छोपरा में किया गया। यहां 60 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यक्रम में करियर मार्गदर्शन सत्र, प्रेरक संवाद और “ड्रीम वॉल” जैसी गतिविधियां आयोजित की गईं, जिसने बच्चों में नई ऊर्जा भर दी।

अधिकारियों ने साझा किए अनुभव, दिए सफलता के मंत्र
       इस अवसर पर अतिरिक्त महाप्रबंधक (सी एंड एम) श्री सुनील कुमार झा, मानव संसाधन प्रमुख श्री जाकिर खान और प्रबंधक श्री मनीष चतुर्वेदी ने बच्चों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव बताते हुए कहा कि “बड़े सपने देखो, मेहनत करो और आत्मविश्वास मत खोओ”। श्री झा ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि अनुशासन और दृढ़ संकल्प से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने बच्चों को नीट, जेईई, सिविल सेवा सहित इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य उभरते करियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा, “एनटीपीसी लारा के आसपास के गांवों के बच्चों में राष्ट्रीय स्तर पर नाम करने की पूरी क्षमता है। आज आप मेहनत करें तो कल आप डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक और यहां तक कि एनटीपीसी के प्रोजेक्ट हेड बनकर क्षेत्र का नाम रोशन कर सकते हैं।”

ड्रीम वॉल” बना आकर्षण का केंद्र
        कार्यक्रम का सबसे खास हिस्सा “ड्रीम वॉल” रहा। इस दीवार पर बच्चों ने अपने सपनों को लिखा। किसी ने डॉक्टर, किसी ने शिक्षक, पुलिस अधिकारी, इंजीनियर, क्रिकेटर तो किसी ने भविष्य में एनटीपीसी में काम करने की इच्छा जताई। एनटीपीसी के स्वयंसेवकों ने एक-एक बच्चे से बात कर उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं और जीवन कौशल के टिप्स भी दिए।

सिर्फ परामर्श नहीं, बना प्रेरणा का मंच
     शिक्षा चौपाल” सिर्फ करियर गाइडेंस तक सीमित नहीं रही। यह बच्चों के सवालों, जिज्ञासाओं और सपनों का मंच बन गई। बच्चों ने अधिकारियों से खुलकर बात की और अपने भविष्य को लेकर मार्गदर्शन लिया। एनटीपीसी लारा प्रबंधन ने बताया कि यह स्वयंसेवी अभियान आगे भी क्षेत्र के अन्य स्कूलों में चलाया जाएगा। कंपनी के विभिन्न विभागों के कर्मचारी इसमें जुड़कर बच्चों के शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण में सहयोग करेंगे।इस पहल के जरिए एनटीपीसी लारा ने यह संदेश दिया है कि किसी संगठन की असली ताकत सिर्फ उत्पादन में नहीं, बल्कि समाज के विकास में उसके योगदान में है।


Goutam Panda

Goutam Panda

EDITOR - CG LIVE NEWS

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