

प्रदेश कोटवार एसोसिएशन के निर्देश और आह्वान पर पूरे प्रदेश के जिला एवं तहसील मुख्यालयों में कोटवार संघ अपनी ज्वलंत समस्याओं के निराकरण को लेकर ज्ञापन सौंपेगा। इसी कड़ी में पुसौर तहसील के कोटवार भी आगामी दिनांक को बस स्टैंड पुसौर में एकत्र होकर जुलूस की शक्ल में तहसील कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपेंगे।
अंग्रेज काल से दे रहे सेवा, फिर भी उपेक्षित
जानकारी के मुताबिक कोटवार अंग्रेज शासन काल से पीढ़ी दर पीढ़ी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस सेवा के एवज में शासन द्वारा इन्हें सेवा भूमि और अत्यंत अल्प मानदेय दिया जाता है। मौजूदा मानदेय से परिवार का भरण-पोषण नहीं हो पाने के कारण कोटवारों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है।
4 सूत्रीय मांग पत्र
बताया जाता है कि कोटवारों की मुख्य 4 मांगें हैं। उनका कहना है कि इन मांगों को पूरा करने से शासन के बजट पर कोई अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा, बल्कि शासकीय कार्यों को आगे बढ़ाने में आसानी होगी। इसलिए तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इनके मांगों का समर्थन कर रहे हैं।
पुसौर तहसील में 228 कोटवार
पुसौर तहसील क्षेत्र में कुल 228 कोटवार कार्यरत हैं। गांव की जनसंख्या के घनत्व के आधार पर कई गांवों में दो-दो कोटवार भी पदस्थ हैं। ये गांव में राजस्व विभाग के सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। मुनादी, दखल-खारिज, सीमांकन, शासकीय योजनाओं की जानकारी पहुंचाने से लेकर कानून व्यवस्था में पुलिस-प्रशासन का सहयोग करना इनकी मुख्य जिम्मेदारी है।
कोटवार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्षों से सेवा देने के बाद भी शासन से सम्मानजनक मानदेय और सुविधाएं नहीं मिली हैं। इसलिए मजबूरन ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान आकर्षित करना पड़ रहा है।
