
अभिनव स्कुल प्रमुख व योग शिक्षक अक्षय सतपथी, जगन्नाथ प्रधान और राहुल वैष्णव ने प्रोटोकॉल अनुसार कराया अभ्यास, म्यूजिक के साथ योगिक जॉगिंग बनी आकर्षण, नर्सरी से 12वीं तक के शताधिक छात्र-छात्राएं हुए शामिल.

अभिनव विद्या मंदिर हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम पुसौर में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। विद्यालय परिसर में रविवार सुबह विशेष योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया गया जिसमें नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के शताधिक विद्यार्थियों के साथ समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्रोटोकॉल अनुसार कराया गया योग
कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुई। इसके बाद योग शिक्षक अक्षय कुमार सतपथी, जगन्नाथ प्रधान एवं राहुल वैष्णव ने आयुष मंत्रालय के प्रोटोकॉल के अनुसार योगाभ्यास कराया। सबसे पहले सूक्ष्म व्यायाम के माध्यम से शरीर को तैयार किया गया। फिर ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, शलभासन जैसे खड़े, बैठकर और लेटकर किए जाने वाले आसनों का अभ्यास कराया गया। हर आसन को करते समय शिक्षकों ने उसकी सही विधि, सावधानी और शारीरिक लाभ की जानकारी भी बच्चों को दी। अंत में अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी प्राणायाम कराया गया।
म्यूजिक पर योगिक जॉगिंग ने बांधा समा
इस बार के योग सत्र की खास बात म्यूजिक के साथ कराई गई योगिक जॉगिंग रही। हल्के संगीत की धुन पर बच्चों ने जॉगिंग करते हुए विभिन्न योग मुद्राएं बनाईं। इससे बच्चों में खासा उत्साह दिखा और पूरे माहौल में ऊर्जा का संचार हो गया। शिक्षकों ने बताया कि संगीत के साथ योग करने से एकाग्रता बढ़ती है और बच्चे बोरियत महसूस नहीं करते।
अतिथियों ने बढ़ाया हौसला
कार्यक्रम में नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश कुमार साव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है। नियमित योग से शरीर स्वस्थ और मन शांत रहता है। बच्चों को इसे दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।इस अवसर पर अंग्रेजी माध्यम की प्राचार्य श्रीमती मंजू लता गुप्ता, प्रधान पाठक दनार्दन नंदे, वरिष्ठ शिक्षक फूलचंद गुप्ता, इंद्रजीत बारीक, विश्वजीत साव, हेसागर भोय, श्रीमती कामिनी शर्मा, प्रांजल पंडा, अभिनव सतपथी सहित हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।
शिक्षा के साथ संस्कार पर जोर
विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि अभिनव विद्या मंदिर शुरू से ही शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और सुरक्षा के चार स्तंभों पर काम कर रहा है। इनका कठोरता से पालन कराने के लिए प्रबंधन कटिबद्ध है। इसी का परिणाम है कि अनुशासन और शैक्षणिक गुणवत्ता के कारण संस्था का नाम पूरे प्रदेश में सम्मान के साथ लिया जाता है। विश्व योग दिवस पर आयोजित कार्यक्रम भी इसी कड़ी का हिस्सा है ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। कार्यक्रम के अंत में सभी को रोजाना कम से कम 30 मिनट योग करने का संकल्प दिलाया गया और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
