

शासकीय माध्यमिक शाला सिंहा के अहाते से तहसीलदार द्वारा बेदखली के बाद हटाया गया अवैध कब्जा फिर से लौट आया है। देवराज और भुनेश्वर पिता सचिदानंद ने स्कूल परिसर में दोबारा टेंट तान दिया है, जिससे शिक्षा और स्वच्छता पर फिर संकट गहरा गया है।
क्या है मामला,,,,
स्कूल प्रबंधन और पंचायत की शिकायत पर कलेक्टर व एसडीएम के आदेश के बाद तहसीलदार ने माल जमादार अमले के साथ मौके पर पहुंचकर बेदखली की कार्रवाई की थी। ग्रामीणों और शासकीय अमले की मौजूदगी में स्कूल अहाते से अवैध दुकान, हालर और फैलाया गया कूड़ा-कचरा हटाया गया था। स्कूल परिसर में शौचालय होने के कारण कब्जेधारियों की वजह से वहां लगातार गंदगी फैल रही थी।
PM आवास का पैसा लेकर भी स्कूल पर कब्जा
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि देवराज और भुनेश्वर के नाम पर पुश्तैनी जमीन में PM आवास स्वीकृत है। दोनों ने पहली किश्त की राशि भी आहरण कर ली है। इसके बावजूद अपना मकान न बनाकर दोनों ने स्कूल भूमि पर ही दोबारा टेंट लगा दिया
बेदखली के बाद उल्टा आरोप
बेदखली की कार्रवाई से बौखलाए देवराज और भुनेश्वर ने व्यक्तिगत रोष में सरपंच व अन्य पंचायत प्रतिनिधियों पर घर से कीमती सामान गायब करने का आरोप लगाते हुए सक्षम अधिकारियों के पास शिकायत कर दी है।
पंचायत का कहना है कि ग्रामीण विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के मद्देनजर बार-बार शासन से कार्रवाई की मांग की जा रही है। यदि शासकीय जमीन हड़पने की नीयत रखने वालों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित के मुद्दे जस के तस रह जाएंगे और गांव का विकास रुक जाएगा।
फिलहाल सिंघा पंचायत के पदाधिकारी दोबारा टेंट लगाए जाने की शिकायत लेकर कलेक्टर के समक्ष जाने की तैयारी में हैं। ग्रामीणों में आक्रोश है कि एक तरफ सरकार PM आवास दे रही है, दूसरी तरफ लोग स्कूल की जमीन नहीं छोड़ रहे।
