
रायगढ़। विश्व साइकिल दिवस पर पुसौर के रेशम उद्यान के सामने से ग्राम तड़ीला पहुंच मार्ग पर आयोजित “अस्मिता साइक्लिंग लीग” प्रचार के अभाव में केवल खानापूर्ति बनकर रह गई। जबकि यह कार्यक्रम जिला स्तरीय बताया जाता है और जहां मात्र 200 लोगो के पंजीयन की बात कही जा रही है वहीं मौके पर आयोजक समेत 50 लोगो के भीतर रहे और वहां खेल अधिकारी देवतार चौधरी प्रशस्ति पत्र बगैर किसी अतिथि व दर्शक के वितरण करते मिले।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला खेल अधिकारी, विकासखंड खेल समन्वयक और साई के स्थानीय प्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए इस आयोजन में गिनती के प्रतिभागी ही दिखे। विशाल बैनर और मंच तो सजा, पर मैदान खाली पड़ा रहा। कुछ बालिकाओं को प्रमाण पत्र थमाकर कार्यक्रम निपटा दिया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खेल विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में आयोजन कर केवल कागजी औपचारिकता पूरी की। कार्यक्रम की सूचना न तो स्कूलों को दी गई, न खेल संघों को। नतीजा, साइक्लिंग से जुड़े सैकड़ों खिलाड़ी इससे वंचित रह गए।
सूत्रों का कहना है कि जिला खेल अधिकारी और संबंधित समन्वयक ऐसे आयोजनों के आंकड़े शासन प्रमुखों के सामने प्रस्तुत कर अपनी पीठ थपथपवा लेते हैं, जबकि धरातल पर “खेल से ही है पहचान” का नारा दम तोड़ देता है।
बिना भीड़, बिना प्रचार और बिना जोश के हुए इस आयोजन से खेलो इंडिया का उद्देश्य विफल होता नजर आया।
