
स्वच्छ जल की भरपाई नहीं कर पाया नगर पंचायत पुसौर, दावे और वादे अब धीरे धीरे खोखले नजर आने लगे अब, बताते है कि पैसे की कमी नहीं फिर भी पानी के लिए कैसे कंजूसी, कहते हैं की दृढ़ इच्छा शक्ति से असंभव कुछ भी नहीं, तो क्या नगर पंचायत के पास दृढ़ इच्छा शक्ति की कमी है या फिर कुछ और?
नगर पंचायत पुसौर में कुछ साल पहले महानदी जल आवर्धन की स्थापना की गई है जिसके जरिये सुरजगढ महानदी का पानी पुसौर लाया जाकर उसे फिल्टर किया जाना है और उसे घर घर सप्लाई किया जाना है। उक्त योजना के तहत उसके संयंत्र के स्थापना के कुछ माह तक इसका पानी लोगों के घर तक पहुंचा उसके बाद बंद हो गया। इसके बाद कुछ माह फिर चला और बंद रहा और फिर कुछ माह चला और अब यह पुरी तरह से पिछले 3 साल से बंद है। नगर पंचायत में जब नई भाजपा सरकार आई तो लोगों को यह भरोसा था कि जल्द ही जल्द क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री ओपी चैधरी के दिषा निर्देष में लोगों को नदी का फील्टर पानी मिलेगा। बहरहाल जल आवर्धन में लगे संयत्रों का सुधार अब तक नहीं होने की जानकारी प्रकाष में आया है चूंकि यदि हुआ होता तो लोगों का इस का लाभ मिला होता जिसमें वाटर एटीएम भी सम्मिलित है। जानकारों की माने एटीएम में किसी ठेकेदार द्वारा चलाया जा रहा था जिसका मामला कोर्ट पहुंच चुका है और आवर्धन योजना के फिल्टर प्लांट के मषीनों में तकनीकी खराबी आने के कारण बंद है जिसके सुधार व नये सामान के सीईओ ललीत साहु द्वारा किया जा रहा है। इस संबंध में साहु ने बताया कि पुसौर का पानी खराब है अभी तक मुझे पता नहीं चला है वहीं इस तथ्य पर कुछ जनप्रतिनिधियों ने बताया कि यहां के पानी टीडीएस अधिक है जिसके कारण कपडे और ज्वेलरी आये दिन खराब होते रहे हैं ऐसे में पेट का क्या हाल होता होगा इस पर कयास लगाया जा सकता है। बहरहाल जल आवर्धन को चलाने सीईओ ललित साहु एवं उनका प्रबंधन कमर कस लिया है और जिसे जल्द ही चालु होने का आष्वासन दे रहे
