

कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़, जिला शाखा रायगढ़ की तहसील शाखा पुसौर के सैकड़ों कोटवारों ने शुक्रवार को बस स्टैंड से जुलूस निकालकर तहसील कार्यालय पहुंचे और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम तहसीलदार अनुराधा पटेल को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार अनुराधा पटेल ने कोटवारों की मांगों को शासन के समक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया और कहा कि कोटवार राजस्व विभाग की रीढ़ हैं, शासन शायद इस पर गम्भीरता से विचार करेगी.
नारेबाजी करते हुए पहुंचे तहसील कार्यालय
प्रदेश संगठन के आह्वान पर पुसौर तहसील के 228 कोटवार शुक्रवार सुबह बस स्टैंड पुसौर में एकत्र हुए। वहां से शालीनता पूर्वक नारेबाजी करते हुए जुलूस की शक्ल में तहसील कार्यालय पहुंचे और अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में रखी गईं 4 प्रमुख मांगें
- नियमितीकरण और संविलियन: कोटवारों को नियमित करते हुए राजस्व विभाग में संविलियन किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने भी 10 वर्ष की सेवा पर अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने का आदेश दिया है।
- मानदेय में वृद्धि: वर्तमान में 3000 से 6000 रु तक अल्प मानदेय मिलता है। इसे बढ़ाकर 8000 से 15000 रु प्रतिमाह किया जाए।
- A श्रेणी – बिना सेवा भूमि: 6000 रु की जगह 15000 रु
- B श्रेणी – 3 से 7.50 एकड़ सेवा भूमि: 5500 रु की जगह 12000 रु
- C श्रेणी – 7.50 से 10 एकड़ सेवा भूमि: 4500 रु की जगह 10000 रु
- D श्रेणी – 10 एकड़ से अधिक सेवा भूमि: 3000 रु की जगह 8000 रु
- नियुक्ति में भ्रष्टाचार बंद हो: निवृत्तमान कोटवार के परिवार को प्राथमिकता देने का प्रावधान है, लेकिन अधिकारी मनमानी कर गैर वंशज को नियुक्ति दे रहे हैं। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कर कोटवार परिवार को ही नियुक्ति दी जाए।
- बेगारी पर रोक: शासन के स्पष्ट निर्देश के बाद भी कोटवारों से मूल कर्तव्यों के अलावा अनावश्यक ड्यूटी लगाकर बेगारी कराई जा रही है। इसे तत्काल बंद किया जाए।
“पीढ़ियों से सेवा, फिर भी उपेक्षित”
एसोसिएशन ने ज्ञापन में बताया कि कोटवार अंग्रेजm शासन काल से पीढ़ी दर पीढ़ी सेवा दे रहे हैं। नाम मात्र के पारिश्रमिक से गुजारा करना पड़ रहा है। मृत्यु या सेवा निवृत्ति पर पेंशन-ग्रेच्युटी नहीं मिलती। जितनी ज्यादा सेवा भूमि, उतना कम मानदेय दिया जा रहा है। झूठे आरोपों पर बिना पक्ष सुने पदमुक्त और निलंबित किया जा रहा है।
15 अगस्त तक का अल्टीमेटम
तहसील अध्यक्ष रामसाय चौहान ने कहा कि वर्षों से संघर्ष के बाद भी शासन ने पहल नहीं की। इससे 228 कोटवार और उनके परिवार गहन निराशा में हैं। मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ के पदाधिकारी संजय चौहान ने बताया कि 15 अगस्त तक हम सौंपी गई मांगों की पूर्ति होने का रास्ता देखेंगे। इसके बाद यदि पूर्ति नहीं हुई तो लंबी लड़ाई लड़ी जाएगी।
आंदोलन का नेतृत्व करने वाले पदाधिकारी
जिला स्तर: जिला अध्यक्ष श्यामलाल चौहान , संयोजक/जिला सचिव संजय कुमार चौहान, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ से अरविन्द कुमार पटेल, के मार्गदर्शन और दिशा निर्देश में तहसील अध्यक्ष रामसाय चौहान – उपाध्यक्ष बिहारीलाल चौहान, विष्णुचरण चौहान , जिला संगठन मंत्री/संरक्षक सुरेन्द्र चौहान, संघ सलाहकार बल्लभ चौहान, कोषाध्यक्ष ब्रजराज चौहान, सचिव रमेश चौहान, प्रदीप चौहान, महामंत्री कुशाराम चौहान, गिरधर चौहान, संगठन मंत्री विष्णुचरण चौहान, रोहित चौहान, महिला प्रकोष्ठ रंजिता चौहान, सपना सिदार। कार्यकारिणी सदस्य विष्णुचरण चौहान, हंसनारायण, बेदराम महंत, नवीन चौहान, महेश्वरदास महंत, शरणदास महंत, सुकदेव चौहान, हकाड़ू दास, भीमसेन, पीताम्बरदास महंत, तुकाराम चौहान, गौरीशंकर, रामकुमार चौहान, जगदीश महंत आदि के अगुवाई में क्षेत्र के सभी कोटवार लोगों की उपस्थित में यह कार्यक्रम निर्विघ्न संपन्न हुआ.
