

जय जगन्नाथ के जयकारों और ढोल.मंजीरे की गूंज के साथ पुसौर की प्रसिद्ध जगन्नाथ कीर्तन मंडली शुक्रवार को पूरी क्षेत्र की धार्मिक यात्रा पर रवाना हो गई। उद्देश्य एक ही है, प्रसिद्ध देवस्थलों में सुमधुर हरिनाम संकीर्तन कर भक्ति की अलख जगाना और भगवान का दर्शन.पूजन करना। शुक्रवार सुबह से ही बाजार चौक में माहौल भक्तिमय था। कीर्तन मंडली के सभी सदस्य पारंपरिक वेशभूषा मृदंग करताल हारमोनियम और अन्य वाद्य यंत्रों के साथ एकत्र हुए। नगर अध्यक्ष प्रतिनिधि मोहित सतपथी ने प्रत्येक सदस्य से भेंट कर शुभेच्छा जताई और सुखद यात्रा की मंगलकामना की। इसके बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस अवसर पर फोटो सेशन भी हुआ और उपस्थित लोगों ने हरे कृष्न हरे राम की धुन पर झूमकर मंडली का उत्साह बढ़ाया।
इस यात्रा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि कीर्तन मंडली ने पूरी यात्रा का खर्च स्वयं वहन किया है। मंडली ने अपने संसाधनों से एक बस हायर की और बिना किसी चंदे या सहयोग के भगवान के दरबार में हाजिरी लगाने निकल पड़ी। मंडली के सदस्यों का कहना है कि देवस्थलों में कीर्तन सेवा करना और दर्शन करना ही उनका मुख्य संकल्प है। यात्रा के दौरान मंडली पूरी क्षेत्र के प्रमुख जगन्नाथ मंदिर शिवालय और अन्य प्रसिद्ध देवस्थलों में पहुंचेगी। वहां पारंपरिक शैली में भजन.कीर्तन की प्रस्तुति दी जाएगी।
ज्ञात हो कीर्तन मंडली पुसौर में पहले से ही थी लेकिन जब से गुरु व गायक की भूमिका में राजेश थनापति को मंडली के सदस्यों ने वरण किया है तब से उक्त मंडली की क्ष्याती बढ़ रही है जिसमे ये कई स्थानों में पुरस्कृत व प्रशंसा प्राप्त किया है। मंडली के सदस्यों को अपनी अपनी प्रतिभा को निखारने का भी अवसर मिल रहा इसलिए पुसौर की यह कीर्तन मंडली अपने कई गायको के साथ पहुंचती है जिससे इनका कार्यक्रम उबाऊ न होकर आकर्षक बना रहता है।
मान्यता है कि हरिनाम संकीर्तन से क्षेत्र में सुख.शांति और समृद्धि का वास होता है। इसी भाव के साथ मंडली भगवान से पूरे पुसौर क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना भी करेगी। बाजार चौक से रवाना होते समय ढोल.मंजीरे की थाप और संकीर्तन की मधुर धुन ने राहगीरों को भी ठहरने पर मजबूर कर दिया। कई लोगों ने मंडली के इस प्रयास की सराहना की और सफल यात्रा की कामना की। पुसौर की यह कीर्तन मंडली अपनी सुमधुर धुन से पूरी क्षेत्र के देवस्थलों को गुंजायमान करेगी।
