

मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए पुसौर एकीकृत बाल विकास परियोजना द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
पुसौर जनपद कार्यालय के सभा कक्ष में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला में पुसौर सेक्टर और एक अन्य सेक्टर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं शामिल हुईं। कार्यक्रम में जिला कार्यालय से आए एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी विशेष रूप से उपस्थित होकर कार्यकर्ताओं को योजना के नियमों और प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार शासन द्वारा प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को 3 किश्तों में कुल 5 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। वहीं दूसरी बार बालिका जन्म होने की स्थिति में हितग्राही को 6 हजार रुपये की राशि दी जाती है। इस राशि का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं के पोषण, स्वास्थ्य जांच और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है। राशि सीधे हितग्राही के बैंक खाते में अंतरित की जाती है। परियोजना अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे, इसके लिए मैदानी स्तर पर कार्य करने वाले आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसके लिए कार्यकर्ताओं को निरंतर अपडेट और प्रशिक्षित करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से पुसौर परियोजना की प्रमुख कार्यक्रम अधिकारी एवं 11 सेक्टरों के पर्यवेक्षकों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रों में सघन कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। कार्यशाला में कार्यकर्ताओं को बताया गया कि उन्हें अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन करना है। पंजीयन के लिए हितग्राही का आधार कार्ड, बैंक पासबुक, एमसीपी कार्ड सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा कराने होंगे और पोर्टल पर सही एंट्री सुनिश्चित करनी होगी। इसी प्रकार जिन महिलाओं का दूसरी बार बालिका जन्म हुआ है, उन मामलों में जन्म प्रमाण पत्र, टीकाकरण कार्ड और यह सुनिश्चित करना होगा कि नवजात को सभी आवश्यक टीके लगाए गए हैं या नहीं। इन सभी दस्तावेजों का संधारण कर समय पर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है ताकि भुगतान में कोई विलंब न हो।
परियोजना अधिकारी ने सभी कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे घर-घर जाकर पात्र महिलाओं की पहचान करें और उन्हें योजना की जानकारी देकर लाभ दिलाने में मदद करें। दस्तावेजों में किसी प्रकार की त्रुटि न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। ज्ञात हो कि प्रधानमंत्री मातृवंदना योजना को लेकर इस तरह की कार्यशालाएं पुसौर के साथ-साथ जिले के अन्य सेक्टरों में भी लगातार आयोजित की जा रही हैं, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल सके।
