नगर पंचायत पुसौर में पिछले कई महीनों से नहीं मिल रही वृद्धा पेंशन

      शासन द्वारा वृद्धा पेंशन योजना इस उद्देश्य से शुरू की गई थी कि बुढ़ापे में बुजुर्गों को अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए बेटे-बेटियों के सामने हाथ न फैलाना पड़े। हर महीने मिलने वाली यह थोड़ी सी राशि उनके सम्मान और स्वाभिमान से जीने का सहारा बनती है। लेकिन नगर पंचायत पुसौर में पिछले कई महीनों से दर्जनों हितग्राहियों को यह पेंशन ही नहीं मिल पा रही है, जिससे वृद्धजन आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानी दोनों झेल रहे हैं।

       नगर पंचायत प्रबंधन का कहना है कि समस्या केवल उन हितग्राहियों के साथ है जिन्हें केंद्र और राज्य सरकार दोनों के अनुदान से संयुक्त रूप से पेंशन दी जाती है। उनका आरोप है कि संबंधित राशि नगर पंचायत को समय पर प्राप्त नहीं हो रही है, इसलिए भुगतान अटक गया है। वहीं जिन बुजुर्गों की पेंशन केवल राज्य सरकार के अनुदान से आती है, उन्हें नियमित रूप से पैसा मिल रहा है।

       स्थानीय विपक्ष का मानना है कि इस तरह की विसंगति पिछले ढाई सालों में ही देखने को मिली है। इससे पहले कभी भी पेंशन भुगतान में इतनी लंबी देरी नहीं हुई थी। उनका सवाल है कि आखिर यह तकनीकी या वित्तीय गड़बड़ी कहां से शुरू हुई और इसका जिम्मा कौन लेगा। हितग्राहियों का कहना है कि राशि न आने का कारण खोजना और उसे ठीक कराना उनका काम नहीं है। उन्हें तो सिर्फ समय पर पेंशन चाहिए जो पिछले कई वर्षों से उन्हें मिलती आ रही थी।

नगर पंचायत कार्यालय pussore

       सूत्रों के अनुसार पेंशन न मिलने से कई बुजुर्गों को हाल ही में आए त्यौहारों और सामाजिक अवसरों पर भारी परेशानी उठानी पड़ी। रामनवमी, रामलीला मंचन और रथयात्रा जैसे मौकों पर जब घर में खर्च बढ़ जाता है, तब भी ये पेंशनधारी अपने परिवार के सामने हाथ फैलाने को मजबूर हुए। किसी की बेटी की शादी थी तो किसी के घर मेहमान आए थे, लेकिन जेब खाली होने के कारण उन्हें चुपचाप सबका मुंह ताकना पड़ा।

      वृद्धजन अब नगर पंचायत और जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि लंबित पेंशन का भुगतान जल्द से जल्द किया जाए और भविष्य में ऐसी देरी न हो, इसके लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए। उनका कहना है कि बुढ़ापे में सम्मान की जिंदगी जीने के लिए शासन द्वारा दी जाने वाली यह मदद ही उनका एकमात्र सहारा है।

Goutam Panda

Goutam Panda

EDITOR - CG LIVE NEWS

More Posts - Website

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *