

“वैशाखी छूटी, हौसले उड़े” ,”कृत्रिम अंग से नई उड़ान” ,”लारा की पहल पर दिव्यांगों को मिला सम्मान”, “अब बोझ नहीं, आत्मनिर्भर बनेंगे” “, कृत्रिम अंग पाकर दिव्यांगों के चेहरे खिले” , “प्रेरिता महिला समिति के मानवीय भूमिका से अब वैशाखी नहीं, अपने पैरों पर चलेंगे दिव्यांग” “2 जून 2026: वो दिन जब लारा के दिव्यांगों को मिली आजादी की नई राह”

समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में एनटीपीसी लारा ने एक और मानवीय पहल की है। परियोजना क्षेत्र के आसपास रहने वाले दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एनटीपीसी की महिला संगठन प्रेरिता महिला समिति ने कृत्रिम अंग वितरण शिविर का आयोजन किया।
2 जून 2026 को हुआ वितरण
शिविर का उद्घाटन प्रेरिता महिला समिति की अध्यक्षा श्रीमती रेखा ठाकुर ने किया। उन्होंने दिव्यांग हितग्राहियों को कस्टमाइज्ड कृत्रिम अंग वितरित किए। श्रीमती ठाकुर ने कहा कि हर व्यक्ति को सम्मान और आजादी के साथ जीने का अधिकार है। प्रेरिता महिला समिति समाज के पिछड़े और जरूरतमंद तबकों को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
डॉक्टरों की टीम ने घर-घर जाकर लिए नाप
इस पहल की खास बात ये रही कि कृत्रिम अंग वितरण से पहले अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने दिव्यांगजनों के घर जाकर उनका परीक्षण किया। हितग्राहियों की जरूरत के हिसाब से नाप लेकर विशेष रूप से डिजाइन किए गए कृत्रिम अंग तैयार करवाए गए। इससे अंग लगाने के बाद चलने-फिरने में आसानी होगी और आराम भी रहेगा।
एनटीपीसी का सामुदायिक विकास का संकल्प
श्रीमती रेखा ठाकुर ने इस मौके पर कहा कि एनटीपीसी सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। कंपनी अपने आसपास के समुदाय के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। ये शिविर उसी सोच का हिस्सा है। लक्ष्य ये है कि दिव्यांगजन भी बिना किसी के सहारे के अपना जीवन जी सकें।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रेरिता महिला समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती तृप्ति पावगी, महासचिव श्रीमती ममता साहू, वरिष्ठ सदस्या श्रीमती सबनम अहमद सहित समिति की अन्य पदाधिकारीगण और बड़ी संख्या में दिव्यांग हितग्राही मौजूद थे।
हितग्राहियों के चेहरे पर लौटी खुशी
कृत्रिम अंग पाकर लाभार्थियों ने एनटीपीसी लारा और प्रेरिता महिला समिति का आभार जताया। एक हितग्राही ने कहा, “अब वैशाखी के सहारे की जरूरत नहीं पड़ेगी। रोजमर्रा के काम खुद कर सकूंगा और परिवार पर बोझ नहीं बनूंगा।” कई लोगों ने बताया कि अब वे आसानी से खेत जा सकेंगे और रोजी-रोटी के नए अवसर तलाश सकेंगे। इस तरह की पहल से एनटीपीसी लारा एक जिम्मेदार कॉरपोरेट की भूमिका निभाते हुए समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। कंपनी का प्रयास है कि कोई भी व्यक्ति शारीरिक कमी की वजह से मुख्यधारा से दूर न रहे और सबको बराबर अवसर मिले।
