NTPC लारा का बड़ा कदम: नवोदय की राह हुई आसान, 3 गांवों में खुले फ्री लर्निंग सेंटर, 125 ग्रामीण बच्चों का चयन

मुख्य अतिथि एवार्ड प्रदान करते हुए

रायगढ़, 25 अगस्त 2026। ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय फलक पर लाने के लिए एनटीपीसी लारा ने शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक पहल की है। कंपनी ने जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अपने प्रभावित क्षेत्रों में *तीन अधिगम केंद्रों (Learning Centers)* का विधिवत शुभारंभ किया है। ये केंद्र *लारा, छपोरा और एकताल* में शुरू किए गए हैं, ताकि बच्चों को गांव में ही गुणवत्तापूर्ण तैयारी मिल सके।

समारोह बयां कर रहा सजावट को

        इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि *एनटीपीसी लारा के प्रमुख (परियोजना) श्री सुभाष ठाकुर* रहे। मंच पर उनके साथ महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग) श्रीमती सुष्मिता रेड्डी और अपर महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री जाकिर खान सहित एनटीपीसी के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की सबसे बड़ी ताकत रही *22 शासकीय विद्यालयों के शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों* की सक्रिय भागीदारी, जो इस पहल की सफलता को दर्शाती है।

     कक्षा 4-5 के बच्चों पर फोकस:* प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि यह योजना कक्षा 4 और 5 में पढ़ने वाले बच्चों के लिए है। इसका उद्देश्य सिर्फ रट्टा मारकर परीक्षा पास कराना नहीं, बल्कि बच्चों की *मूलभूत साक्षरता (FLN), संख्यात्मक क्षमता और तार्किक चिंतन* की नींव को पक्का करना है।

     290 में से 125 का चयन:* इन केंद्रों में प्रवेश के लिए एक पारदर्शी चयन परीक्षा आयोजित की गई थी। इसमें क्षेत्र के कुल *290 विद्यार्थियों* ने उत्साह के साथ भाग लिया, जिनमें से मेरिट के आधार पर *125 मेधावी विद्यार्थियों* का चयन विशेष प्रशिक्षण के लिए किया गया है। चयनित बच्चों को अब नियमित कक्षाओं, समय-समय पर टेस्ट के जरिए मूल्यांकन, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन और अभिभावकों की बैठक के माध्यम से तैयार किया जाएगा।

       राष्ट्रीय स्तर की योजना:* यह पहल अकेले लारा की नहीं है। यह *सेल्फ रिलायंट इंडिया, रेवाड़ी* नामक संस्था के सहयोग से संचालित की जा रही है और एनटीपीसी का लक्ष्य अपने सभी परियोजना स्थलों पर इस मॉडल से लगभग *1200 विद्यार्थियों* तक पहुंचना है। इस योजना में *बालिकाओं की भागीदारी* को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जा रहा है, जो एनटीपीसी के प्रसिद्ध *‘बालिका सशक्तिकरण अभियान’* की भावना के अनुरूप है।

      अपने उद्बोधन में श्री सुभाष ठाकुर ने कहा कि “गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। चयनित बच्चे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और अनुशासन व निरंतर मेहनत से तैयारी करें।” एनटीपीसी लारा का यह प्रयास केवल एक परीक्षा की तैयारी नहीं, बल्कि ग्रामीण बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें बेहतर शैक्षणिक अवसरों के लिए सक्षम बनाने की दिशा में एक दीर्घकालिक और सार्थक निवेश है।

Goutam Panda

Goutam Panda

EDITOR - CG LIVE NEWS

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