

ग्रामीणों के सुझाव से बनेगी विकास योजना: जिले में शुरू हुआ ग्राम संकल्प वोटिंग वॉल, संदेश कार्ड और शपथ के साथ 5 गतिविधियां, पंचायत बताएगी जवाब, अधिनियम 2025 के तहत ग्राम सभाएं बनीं संवाद का मंच, तिरंगे के साथ होगा समापन, रोजगार गारंटी से लेकर विकास कार्यों तक: हर घर से मांगे जाएंगे सुझाव.
रायगढ़, 20 अगस्त 2026* । ग्रामीणों को उनके हक और विकास की योजनाओं से जोड़ने के लिए जिले में बुधवार से ‘विकसित भारत ग्राम संकल्प 2.0’ की शुरुआत हुई। अब गांव के विकास की प्राथमिकता तय करने का अधिकार सीधे ग्रामीणों के हाथ में होगा। ‘विकसित भारत जी राम जी अधिनियम 2025’ के तहत आज से जिले की हर ग्राम पंचायत में जनसंवाद 2.0 शुरू हो गया है। इसका मकसद ग्राम सभा को सवाल-जवाब और सुझाव का खुला मंच बनाना है। गांव को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम। आज से जिले भर में ‘विकसित भारत ग्राम संकल्प 2.0’ अभियान के तहत ग्राम सभाओं में रोजगार, अधिकार और विकास पर खुली चर्चा होगी। ग्रामीणों को उनके हक और विकास की योजनाओं से जोड़ने के लिए जिले में गुरुवार से ‘विकसित भारत ग्राम संकल्प 2.0’ की शुरुआत हुई। ‘विकसित भारत जी राम जी अधिनियम, 2025’ के प्रावधानों के तहत शुरू किए गए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्राम सभाओं को केवल औपचारिकता न रखकर ग्रामीणों के सुझाव, प्रश्न और संवाद का प्रभावी मंच बनाना है।
राज्य कार्यालय से मिले निर्देशों के अनुसार इस अभियान का लक्ष्य ग्रामीण समुदाय को उनके अधिकारों, रोजगार के अवसरों, पारदर्शिता और जनभागीदारी के महत्व के प्रति जागरूक करना है। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में समुदाय की सीधी भागीदारी और स्वामित्व को बढ़ाना है। इसी सोच के साथ आज से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में यह विशेष कार्यक्रम आरंभ किया ग्राम सभा में आयोजित होंगी 5 विशेष गतिविधियां अभियान के दौरान प्रत्येक ग्राम सभा में पांच प्रमुख गतिविधियां कराई जाएंगी।
1 ‘गांव की प्राथमिकता वोटिंग वॉल’ है। इसमें ग्रामीण जन, ग्रामीण जल संरक्षण, खेत तालाब निर्माण, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण, आजीविका आधारित कार्य और सामुदायिक परिसंपत्तियों जैसे कार्यों में से अपने गांव के लिए सबसे जरूरी 3 कार्यों का चयन वोटिंग के जरिए करेंगे। सबसे अधिक मत वाले कार्यों को ग्राम सभा की कार्यवाही में दर्ज कर प्राथमिकता दी जाएगी।
2 125 दिन रोजगार मेरा अधिकार शपथ’ है। इसके अंतर्गत सभी ग्रामीण एक साथ मिलकर रोजगार, पारदर्शिता और जनभागीदारी से जुड़े अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने एवं गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की शपथ लेंगे।
3 ‘विकसित भारत संदेश कार्ड’ है। इस योजना के तहत हर परिवार को एक कार्ड दिया जाएगा। उस पर ग्रामीण अपने गांव में होने वाले अपेक्षित बदलाव या विकास से जुड़े सुझाव लिख सकेंगे। बाद में सभी कार्डों से मिले सुझावों को एकत्र कर उन्हें भविष्य में बनने वाली ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ में शामिल किया जाएगा। खुला मंच और राष्ट्रभक्ति के साथ होगा समापन*
4 ‘जनता पूछे, पंचायत बताए’ संवाद मंच है। इस मंच पर ग्रामीण अपनी समस्याएं और जिज्ञासाएं सीधे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने रखेंगे। यहां उन्हें रोजगार मांगने की प्रक्रिया, 125 दिन रोजगार की गारंटी, समय पर भुगतान, शिकायत निवारण और ‘विकसित ग्राम पंचायत योजना’ जैसी योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी।
5. पांचवीं और अंतिम गतिविधि ‘तिरंगे के साथ विकास संदेश’ है। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्रामीण हाथों में तिरंगा लेकर “गांव मेरा संकल्प” और “विकसित भारत हमारा लक्ष्य” का सामूहिक संदेश देंगे। इसके जरिए स्वतंत्रता दिवस की भावना को गांव के विकास और राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाएगा।
प्रशासन का मानना है कि जनसंवाद 2.0 के माध्यम से अब गांव के विकास की रूपरेखा ऊपर से नहीं, बल्कि गांव की जमीनी जरूरतों और ग्रामीणों की सहमति से तय होगी। इस पूरी प्रक्रिया में निर्वाचित जनप्रतिनिधि, हितग्राही, स्वयं सहायता समूह, स्थानीय युवा और विभिन्न सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि योजनाएं धरातल पर उतर सकें. पुसौर जनपद के सन्दर्भ में यहां के प्रभारी कार्यक्रम अधिकारी राहुल भगत ने बताया कि कुछ पंचायतों में ग्राम सभा हो सकता है.


