Flash News

पेलमा कोल माइन की लोक सुनवाई में उमड़ा जनसैलाब: विकास और रोजगार के लिए ग्रामीणों ने जताया समर्थन”

रायगढ़  08 जून 2026
          साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड SECL की महत्वाकांक्षी पेलमा ओपन कास्ट कोल माइन परियोजना को लेकर आज ग्राम पेलमा में आयोजित लोक सुनवाई भारी उत्साह और अभूतपूर्व जनसमर्थन के साथ संपन्न हो गई। पर्यावरणीय स्वीकृति की इस अहम कड़ी में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी ने साबित कर दिया कि क्षेत्र की जनता अब विकास को लेकर सकारात्मक सोच रखती है।

अपर कलेक्टर टोप्पो सर सुनवाई करते हुए

            भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अधिसूचना 14 सितंबर 2006 यथा संशोधित के तहत आयोजित इस जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर जिला दंडाधिकारी श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने की। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल CECB के क्षेत्रीय अधिकारी श्री मानवेंद्र शेखर पांडेय पूरे समय मौजूद रहे। प्रशासनिक सख्ती के बीच पूरी कार्यवाही शांतिपूर्ण, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से चली। एक भी अप्रिय घटना नहीं हुई।

              2077 हेक्टेयर में फैलेगी खदान, 15 MTPA होगा उत्पादन:- SECL अधिकारियों ने मंच से बताया कि प्रस्तावित पेलमा ओपन कास्ट परियोजना 2077.934 हेक्टेयर क्षेत्र में फैली होगी। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 15 मिलियन टन प्रति वर्ष MTPA रखी गई है। परियोजना सीधे ग्राम पेलमा, उरबा, मडुआडूमर, लालपुर, हिंझर, जरिडीह, सक्ता, मिलूपारा और खर्रा को प्रभावित करेगी। अप्रत्यक्ष रूप से आसपास के दर्जनों गांवों को भी रोजगार और व्यापार के नए अवसर मिलेंगे।

सुनवाई के बीच विशाल जन समर्थन

            लोक सुनवाई शुरू होते ही ग्रामीणों की भीड़ पंडाल में उमड़ पड़ी। जनप्रतिनिधि, सरपंच, महिला समूह और किसान बड़ी संख्या में पहुंचे। SECL के वरिष्ठ अधिकारियों ने पावरपॉइंट के जरिए परियोजना का पूरा खाका रखा। पर्यावरण प्रबंधन योजना, वृक्षारोपण, धूल नियंत्रण, जल संरक्षण और पुनर्वास नीति को विस्तार से समझाया गया।

          विकास चाहिए, रोजगार चाहिए” – ग्रामीणों की एकजुट आवाज:- मच खुलते ही ग्रामीणों ने अपने सवाल और सुझाव रखे। किसी ने पेयजल की समस्या उठाई तो किसी ने सड़क और स्वास्थ्य केंद्र की मांग की। SECL और MDO के अधिकारियों ने हर सवाल का संतोषजनक जवाब दिया।

            ग्राम पेलमा के बुजुर्गों ने कहा कि वर्षों से कोयला क्षेत्र में होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। अब SECL की CSR योजना से स्कूल, स्वास्थ्य शिविर और पेयजल टंकी बन रही हैं। ग्रामीणों ने इन कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि खदान विस्तार से क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

            महिला प्रतिभागियों ने स्वरोजगार और महिला सशक्तिकरण कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए मांग की कि परियोजना शुरू होने पर इन पहलों को और बढ़ाया जाए। पंचायत प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि पेलमा माइन से स्थानीय युवाओं को सीधा रोजगार मिलेगा। दुकानदारी बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

             EIA रिपोर्ट पर खुली चर्चा, पारदर्शिता की मिसाल
लोक सुनवाई की सबसे बड़ी खासियत रही पर्यावरणीय प्रभाव आंकलन EIA रिपोर्ट की खुली प्रस्तुति। विशेषज्ञों ने बताया कि खदान संचालन के दौरान वायु, जल और ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक तकनीक लगाई जाएगी। खन के बाद बंजर भूमि पर बड़े पैमाने पर वनीकरण होगा। विस्थापन की स्थिति में पुनर्वास नीति के तहत मुआवजा और वैकल्पिक भूमि दी जाएगी।

              ग्रामीणों ने इस पारदर्शी संवाद की तारीफ की। कई लोगों ने कहा कि पहले लोक सुनवाई सिर्फ खानापूर्ति होती थी, पर इस बार SECL ने हर सवाल का जवाब देकर जनता का भरोसा जीता है।

               विकास बनाम पर्यावरण का संतुलन
ADM श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो ने समापन भाषण में कहा कि लोक सुनवाई का मकसद जनता की राय लेना है। सरकार विकास भी चाहती है और पर्यावरण की रक्षा भी। पेलमा परियोजना में दोनों का संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। CECB अधिकारी श्री मानवेंद्र शेखर पांडेय ने कहा कि ग्रामीणों के सुझाव अंतिम EIA रिपोर्ट में शामिल किए जाएंगे।

             करीब 4 घंटे चली इस सुनवाई में 800 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। प्रशासन द्वारा तय मानकों के अनुरूप पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के साथ रिकॉर्ड की गई। उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक संवाद ने पेलमा की लोक सुनवाई को जिले की सबसे सफल जनपरामर्श बैठकों में शामिल कर दिया।


Goutam Panda

Goutam Panda

EDITOR - CG LIVE NEWS

More Posts - Website

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *