

पुसौर की धरती पर अब शिक्षा की नई इबारत लिखी जाएगी। नगर पंचायत में बनने जा रहा 250 सीटर अत्याधुनिक नालंदा परिसर , लाइब्रेरी न सिर्फ ईंट-गारे का भवन होगा बल्कि यहां के हजारों युवाओं के महत्वाकांक्षाओं का ठिकाना बनेगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नेतृत्व में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को 4 करोड़ 41 लाख 49 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। स्वीकृति की खबर आते ही पूरे अंचल में खुशी की लहर दौड़ गई है।
नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मानी मोहित सतपथी के शब्दों में यह लाइब्रेरी पुसौर के युवाओं के सपनों का केंद्र बनेगी। लंबे समय से इस क्षेत्र के मेधावी छात्रों की सबसे बड़ी मजबूरी थी संसाधनों का अभाव। आर्थिक तंगी के कारण प्रतिभाशाली बच्चे रायगढ़, बिलासपुर जैसे बड़े शहरों की महंगी कोचिंग और लाइब्रेरी तक नहीं पहुंच पाते थे और उनकी प्रतिभा वहीं दम तोड़ देती थी। नालंदा परिसर इस दूरी को मिटा देगा। अब वही एयरकंडीशन हॉल, वाई-फाई से लैस डिजिटल संसाधन, ई-बुक्स, ऑनलाइन जर्नल्स और करंट अफेयर्स की मैगजीनें पुसौर के बच्चों को उनके घर के पास मिलेंगी।
परिसर की सबसे बड़ी ताकत इसका शांत और अनुशासित अध्ययन वातावरण होगा जहां छात्र NEET, JEE, PSC, SSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी बिना किसी व्यवधान के कर सकेंगे। साथ ही करियर काउंसलिंग सेल के जरिए उन्हें सही मार्गदर्शन भी मिलेगा। अध्यक्ष सतपथी ने कहा कि प्रदेश सरकार की सोच साफ है कि शिक्षा का अधिकार केवल शहरों तक सीमित न रहे। नालंदा परिसर जैसी परियोजनाएं ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी प्रतिस्पर्धा के मैदान में बराबरी से खड़ा करेंगी।
अब पुसौर के अभिभावकों को अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए दूर भेजने की चिंता नहीं सताएगी। नालंदा परिसर के निर्माण के साथ ही पुसौर शिक्षा के मानचित्र पर एक नई पहचान के साथ उभरेगा।
