

पुसौर में बीईओ कार्यालय भवन का भूमिपूजन व जिला स्तरीय षाला प्रवेषोत्सव के बीच जिन शिक्षकों के बच्चे शासकीय स्कूलों में पढ़ रहे वे हुए सम्मानित, हास्य ,संवाद और संदेश से जड़े मंत्री जी के संबोधन पर गूंजी तालियां,
शिक्षा को प्राथमिकता देने के संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ शासन के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने गुरुवार को पुसौर में बहुप्रतीक्षित बीईओ कार्यालय भवन का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल पुसौर के प्रांगण में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले एवं ब्लॉक के जनप्रतिनिधि पार्टी कार्यकर्ता, पुर्व विधायक विजय अग्रवाल, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी जिला पंचायत, जिला शिक्षा अधिकारी सहित ब्लॉक के समस्त अधिकारी.कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम दोपहर लगभग 2 बजे विधि.विधान से प्रारंभ हुआ। मंत्री श्री चौधरी पूरे कार्यक्रम में बेहद सहज और मजाकिया मूड में दिखे। मंच पर आते ही उन्होंने एक.एक कर सभी अतिथियों का नाम लेकर अभिवादन किया। इसी दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा . जिन वरिष्ठों का नाम नहीं ले पाया कृपया बुरा न मानें। गलती लिस्ट बनाने वाले की है उससे जाकर लड़ लेनाष्। मंत्री की इस बात पर पूरा मंच और दर्शक दीर्घा ठहाकों से गूंज उठी।उनकी सजगता तब दिखी जब उन्होंने भीड़ में बैठे जिला पंचायत सदस्यों को पहचान लिया और उन्हें मंच पर आमंत्रित किया। मंत्री ने कहा ये हमारे चुने हुए प्रतिनिधि हैं इनका सम्मान जरूरी है । इस पर दर्शकों ने तालियों से दोनों का स्वागत किया। शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले शिक्षकों के बच्चों का हुआ सम्मानः कार्यक्रम का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक पल तब आया जब मंत्री ने उन शासकीय शिक्षकों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जिनके बच्चे शासकीय स्कूलों में पढ़ रहे हैं। आज तक किसी मंच से यह नहीं बताया गया कि सरकारी नौकरी करने वाले अपने बच्चों को कहां पढ़ाते हैं। जो शिक्षक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं वही असली में सरकारी शिक्षा पर भरोसा कर रहे हैं। ऐसे शिक्षक बधाई के पात्र हैं। सम्मानित शिक्षकों को गुलदस्ता भेंट कर प्रोत्साहित किया गया। दर्जसंख्या कम होने के हम सब जिम्मेदार है का हवाला देकर मंत्री ने शासकीय स्कूलों में घटती छात्र संख्या पर चिंता जताई। उन्होंने कहा स्कूलों में बच्चे कम हो रहे हैं इसके लिए सरकार के साथ.साथ हम समाज और पालक भी जिम्मेदार हैं। सरकारी स्कूलों में योग्य शिक्षक बेहतर बिल्डिंग और सुविधाएं हैं फिर भी भरोसा नहीं बन पा रहा। उन्होंने पालक.शिक्षक संबंधों पर भी बात की। कहा पहले के समय में पालकों का गुरूजी पर अटूट विश्वास था। अनुशासन के नाम पर यदि शिक्षक डांटते थे तो पालक बुरा नहीं मानते थे बशर्ते बच्चे का अहित न हो। आज वो भरोसा फिर से बनाना होगा तभी शिक्षा सुधरेगी।
छात्रों को मिला प्रोत्साहनः मंत्री ने अपने उद्बोधन में छात्रों से सीधा संवाद किया और कहा आप आगे बढ़िए पीछे से सरकार और प्रशासन का पूरा सहयोग रहेगा। पढ़ाई के साथ खेल अनुशासन और संस्कार भी जरूरी हैंष्। कार्यक्रम के अंत में कुछ जरूरतमंद छात्रों को निःशुल्क स्कूल ड्रेस पुस्तक और कॉपी का वितरण भी किया गया। बीईओ कार्यालय से कामों में आएगी गतिः
भूमिपूजन के अवसर पर मंत्री ने कहा कि नए बीईओ कार्यालय भवन के बन जाने से क्षेत्र की शिक्षा संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण होगा और फाइलों के चक्कर नहीं लगेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भवन समय.सीमा में गुणवत्तापूर्ण बने। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों ने शिक्षा के विकास और शासकीय स्कूलों को मजबूत बनाने का संकल्प दोहराया।
