
पुसौर विश्व के नियंता महाप्रभु जगन्नाथ हर वर्ष की भांति इस बार भी द्वितीया रथयात्रा में अपने मौसी के घर गुंडिचा मंदिर पहुंचे। पारंपरिक रीति के अनुसार प्रभु का भव्य श्रृंगार किया गया और उन्हें सुसज्जित रथ पर विराजमान कर भक्तों ने रथ की डोरी खींचते हुए शोभायात्रा निकाली। इस पावन अवसर पर आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।

पुसौर की रथयात्रा इस बार इसलिए भी विशेष रही क्योंकि पहली बार क्षेत्र के थाना प्रभारी टीआई हर्षवर्धन सिंह स्वयं अपने स्टाफ के साथ इस धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। उनके साथ नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि मोहित सतपथी, उपाध्यक्ष उमेश साव सहित अन्य गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी उपस्थित रहे।
ज्ञातव्य है कि अब तक पुसौर के मंदिर परिसर में रथयात्रा के शुभारंभ के समय पुलिस प्रशासन की उपस्थिति नहीं के बराबर रहती थी। लेकिन इस बार टीआई हर्षवर्धन सिंह का मंदिर पहुंचकर भगवान जगन्नाथ के रथ की डोरी को श्रद्धा के साथ माथा टेक कर खींचना न केवल उनके लिए सम्मान की बात थी, बल्कि पूरे पुसौर वासियों के लिए गौरव का विषय बन गया। उनके इस कदम से प्रशासन और समाज के बीच सौहार्द का संदेश भी गया।
जानकारी के अनुसार रथयात्रा से पूर्व टीआई हर्षवर्धन सिंह ने नगर पंचायत उपाध्यक्ष उमेश साव से संपर्क कर यह जानकारी ली थी कि क्या यात्रा के दौरान पुलिस बल की आवश्यकता पड़ेगी। इस पर उमेश साव ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था की विशेष आवश्यकता तो नहीं है, लेकिन यदि आप इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं तो यह हमारे लिए गर्व और सम्मान की बात होगी। उपाध्यक्ष के इस आमंत्रण पर टीआई ने सहर्ष स्वीकृति दी और पूरे परिवार के साथ रथयात्रा में सहभागी बने।
भक्तों का कहना है कि प्रशासनिक अधिकारी का इस तरह धार्मिक आस्था में शामिल होना समाज में एकता और विश्वास को बढ़ाता है। महाप्रभु की रथयात्रा में पहली बार टीआई की उपस्थिति ने इस वर्ष के आयोजन को और भी यादगार बना दिया। जयकारों और ढोल-नगाड़ों के बीच निकली रथयात्रा में श्रद्धालुओं ने प्रभु के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
