सीएसआर पहल – हरित भविष्य और आत्मनिर्भर गांव की ओर कदम, केवीके रायगढ़ देगा तकनीकी साथ
लारा, रायगढ़ | http://cglivenews.in

ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा को मजबूत करने, टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने और किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एनटीपीसी लारा ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के अंतर्गत एक सराहनीय पौध वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस पहल का मकसद सिर्फ पौधे बांटना नहीं, बल्कि हर घर को कुपोषण से मुक्त कर हरित पर्यावरण को बढ़ावा देना है।

क्या मिला किसानों को –
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय किसानों को पपीता, सहजन (मुनगा), नींबू और आम के उन्नत किस्म के फलदार एवं पोषणयुक्त पौधे वितरित किए गए। एनटीपीसी का उद्देश्य किसानों को अपने घरों की बाड़ी में “पोषण वाटिका” विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि परिवारों को ताजे फल एवं पौष्टिक खाद्य पदार्थ आसानी से उपलब्ध हो सकें। सहजन तो पोषण का खजाना है, जिसे सुपरफूड कहा जाता है। इससे आहार में विविधता बढ़ेगी, पोषण स्तर में सुधार होगा और घरेलू स्तर पर महिलाएं और बच्चे पोषण संबंधी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ेंगे। यह पहल बाजार पर निर्भरता कम कर “अपनी बाड़ी, अपना पोषण” के सपने को साकार करेगी।
परियोजना प्रमुख सुभाष ठाकुर रहे मौजूद –
कार्यक्रम में एनटीपीसी लारा के परियोजना प्रमुख श्री सुभाष ठाकुर एवं एजीएम (मानव संसाधन) श्री जाकिर खान विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ स्थानीय सरपंच, पंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सहभागिता ने ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व को रेखांकित किया। श्री ठाकुर ने कहा कि एनटीपीसी केवल बिजली नहीं बनाता, बल्कि आसपास के गांवों का भविष्य भी बनाता है।
केवीके रायगढ़ देगा वैज्ञानिक मार्गदर्शन –
इस पहल की एक प्रमुख विशेषता कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), रायगढ़ के साथ सहयोग है। केवीके द्वारा किसानों को पौधों के उचित रोपण, देखभाल एवं संवर्धन के संबंध में तकनीकी मार्गदर्शन और कृषि संबंधी सहायता प्रदान की जाएगी। इससे किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने तथा पौधों का बेहतर रखरखाव करने में सहायता मिलेगी, जिससे पोषण वाटिकाओं के दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित किए जा सकें और पौधे मरें नहीं। एनटीपीसी लारा की यह पहल ग्रामीण समुदायों के समग्र विकास, पोषण जागरूकता, पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीएसआर के माध्यम से किए जा रहे ऐसे प्रयास स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के साथ स्वस्थ एवं हरित भविष्य के निर्माण में भी योगदान देंगे।
