परियोजना प्रभावित गांवों में सौर ऊर्जा से उजाला, अब शाम के बाद भी बच्चों और महिलाओं की आवाजाही हुई आसान, CREDA के सहयोग से लगी लाइटें

पुसौर, रायगढ़, 06 अक्टूबर | http://cglivenews.in
सूर्यास्त के बाद भी जीवन रुकता नहीं है। बच्चे स्कूल से घर लौटते हैं, कर्मचारी अपने काम से वापस आते हैं और परिवार रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आवागमन करते हैं। लेकिन पुसौर से ठेंगापाली और आसपास के परियोजना प्रभावित गांवों में अंधेरा लंबे समय से लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। कम रोशनी और सीमित दृश्यता के कारण शाम के बाद यात्रा करना कठिन और असुरक्षित होता था। अब इन गांवों की तस्वीर धीरे-धीरे बदल रही है। एनटीपीसी लारा की सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) एवं सतत विकास पहल के अंतर्गत पुसौर-ठेंगापाली मार्ग तथा आसपास के परियोजना प्रभावित गांवों में 30 सौर उच्च मस्त प्रकाश संयंत्र (Solar High Mast Light) स्थापित किए जा चुके हैं।
सड़कों पर लौटी रौनक, ग्रामीणों में सुरक्षा का भाव –
इन प्रकाश संयंत्रों ने केवल सड़कों को रोशन नहीं किया है, बल्कि स्थानीय लोगों के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और आत्मविश्वास भी बढ़ाया है। शाम के समय घर लौटने वाले विद्यार्थियों, काम से लौटने वाले कर्मचारियों और आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन करने वाले ग्रामीणों के लिए अब रास्ते अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित हो गए हैं। पहले जहां शाम 6 बजे के बाद सड़क पर अंधेरा पसर जाता था, वहीं अब हाईमास्ट की दूधिया रोशनी से पूरा मार्ग जगमगा रहा है।
सूरज की ऊर्जा से गांवों में उजाला –
इस पहल की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन प्रकाश संयंत्रों के लिए 100% सौर ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध होने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है। न बिजली बिल, न मेंटेनेंस का झंझट। एनटीपीसी लारा की यह पहल इस विचार को मजबूत करती है कि विकास केवल सुविधाओं के निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि वह सतत, पर्यावरण-अनुकूल और जन-केंद्रित भी होना चाहिए।
CREDA के माध्यम से क्रियान्वयन –
इस कार्य का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (CREDA), रायगढ़ जो एक शासकीय संस्था है, के माध्यम से किया जा रहा है। संस्थागत सहयोग और स्थानीय आवश्यकताओं के समन्वय से यह पहल धरातल पर सकारात्मक बदलाव का रूप ले रही है।
सड़कों से विद्यालयों तक पहुंचेगी सौर ऊर्जा –
एनटीपीसी लारा का यह प्रयास यहीं समाप्त नहीं होता। अधिक सौर उच्च मस्त प्रकाश संयंत्र लगाने का कार्य प्रगति पर है, जिससे आने वाले समय में और अधिक स्थानों तथा समुदायों को इसका लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही शासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सौर पैनल स्थापित करने की दिशा में भी पहल की जा रही है। इससे विद्यालयों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ने के साथ विद्यार्थियों को सौर ऊर्जा और सतत विकास को व्यावहारिक रूप से समझने का अवसर मिलेगा। विद्यालय की छत पर लगा एक सौर पैनल बच्चों के लिए केवल ऊर्जा का स्रोत नहीं होगा, बल्कि यह उन्हें यह समझने का अवसर देगा कि स्वच्छ ऊर्जा हमारे वर्तमान को बेहतर बनाने के साथ भविष्य को भी सुरक्षित कर सकती है।
सामाजिक उत्तरदायित्व से सामुदायिक सशक्तिकरण तक –
एनटीपीसी लारा के लिए सामाजिक उत्तरदायित्व केवल भौतिक सुविधाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य आसपास के समुदायों के जीवन में ऐसे बदलाव लाना है, जो सुरक्षा, सुविधा, अवसर और आत्मविश्वास को बढ़ावा दें। एक रोशन सड़क किसी विद्यार्थी की घर वापसी को आसान बना सकती है। किसी कर्मचारी के सफर को सुरक्षित बना सकती है और गांवों के बीच संपर्क को बेहतर कर सकती है। पुसौर से ठेंगापाली तक सड़कों पर दिखाई देने वाली यह सौर रोशनी अब केवल अंधेरा दूर करने का माध्यम नहीं रही। यह सतत विकास, जनसुविधा और सामुदायिक सशक्तिकरण की नई उम्मीद बन रही है।
